जनसुराज की उम्मीदवार सूची में विविधता और समावेशन का प्रयास
जनसुराज पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है। इस सूची में कुल 51 प्रत्याशियों में से 11 ओबीसी (OBC) समुदाय से हैं, जबकि 17 उम्मीदवार अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) से हैं। इसके अतिरिक्त, नौ उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पार्टी के रणनीतिकार और संस्थापक प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से जाति, धर्म, आर्थिक स्थिति या पारिवारिक प्रभाव से मुक्त रहा है।
समाज के हर वर्ग का ध्यान रखते हुए उम्मीदवारों का चयन
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से उम्मीदवारों की यह सूची समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह का जाति या परिवार का दबाव नहीं था। उम्मीदवारों का चयन उनके पिछले कार्य, योगदान और कार्यक्षमता के आधार पर किया गया है। इस सूची में उन लोगों को प्राथमिकता दी गई है जिन्होंने पिछले दो वर्षों में पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई है।
प्रमुख उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और चुनावी क्षेत्र
इस सूची में कई ऐसे उम्मीदवार शामिल हैं, जिनका राजनीतिक क्षेत्र में सामान्यतः अनुभव नहीं रहा है। उदाहरण के तौर पर, भोजपुरी गायक रितेश रंजन पांडेय कारगहर से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, पूर्व आईपीएस अधिकारी आरके मिश्रा दरभंगा से मैदान में उतरेंगे। ट्रांसजेंडर समुदाय से प्रीति किन्नर भोरे (गोपालगंज) से चुनाव लड़ रही हैं। इसके अलावा, डॉ अमित कुमार दास मुजफ्फरपुर से, गणितज्ञ केसी सिन्हा कुम्हरार से और वरिष्ठ अधिवक्ता वाई वी गिरी मांझी से चुनाव लड़ेंगे।
प्रशांत किशोर की चुनावी भागीदारी पर संशय और आगामी रणनीति
हालांकि, पार्टी की पहली सूची में प्रशांत किशोर का नाम नहीं है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे स्वयं चुनाव लड़ेंगे। पार्टी ने संकेत दिया है कि किशोर राघोपुर या कारगहर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने कहा कि किशोर 11 अक्टूबर को राघोपुर से चुनाव अभियान शुरू करेंगे, जो कि RJD नेता तेजस्वी यादव का निर्वाचन क्षेत्र है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि आगामी सूची में उनका नाम शामिल होता है, तो इसका मतलब है कि वे चुनाव लड़ेंगे।











