नेपाल में फंसे भारतीय परिवारों की राहत की खबर
मध्य प्रदेश के कई परिवारों के लिए यह खबर राहत भरी है कि नेपाल में बाढ़ की चपेट में आए दो बहनों का पता चल गया है। इन बहनों को सुरक्षित पाकर उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। वहीं, राज्य के अन्य पांच परिवार अभी भी अपने प्रियजनों की सलामती का इंतजार कर रहे हैं। इन परिवारों में अनूपपुर की बहनें पलक और पल्लवी मांझी, रायसेन के भाई विकास और हिमांशु राजपूत शामिल हैं।
लापता लोगों में शामिल हैं कनाडा की इंजीनियर स्वाति बागरेचा
नेपाल में फंसे अन्य लोगों में कनाडा (Canada) में रहने वाली इंजीनियर स्वाति बागरेचा भी शामिल हैं, जो ईशा फाउंडेशन (Isha Foundation) के 77 सदस्यीय समूह के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थीं। उनके परिवार को पिछले चार दिनों से लगातार बिना जवाब वाले फोन कॉल्स का सामना करना पड़ रहा है। स्वाति का अंतिम संपर्क 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर हुआ था, जब वह इमिग्रेशन प्रक्रिया के लिए वहां पहुंची थीं।
परिवारों की चिंता और सरकार की मदद
स्वाति के परिवार का कहना है कि उनका मोबाइल अभी भी बज रहा है, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे रही हैं। परिवार ने नेपाल में भारतीय और कनाडाई दूतावासों से भी संपर्क किया है। स्थानीय विधायक मुकेश टंडन के प्रयासों के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी स्वाति की सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाए हैं। नेपाल में बाढ़ के कारण 26 अगस्त को रसुवा (Rasuwa) जिले में भोटेकोशी नदी (Bhote Kosi River) का जलस्तर अचानक बढ़ गया था, जिससे बाढ़ आई और निचले इलाकों में तबाही मच गई।








