कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान फंसे भारतीय नागरिकों की मदद की अपील
हिमालय की पवित्र यात्रा पर गए कई भारतीय श्रद्धालु अब गंभीर संकट में फंस गए हैं। सुनीता आहूजा नामक महिला ने अपने पति के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान उत्पन्न हुई आपदा के कारण मदद की गुहार लगाई है। यात्रा के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद वे तीन दिन पहले नीचे आकर किरोग पहुंचीं। लेकिन वहां पहुंचने के बाद ही अचानक आई बाढ़ ने उन्हें और उनके साथ मौजूद कई अन्य यात्रियों को फंसाकर रख दिया है।
बाढ़ और खराब मौसम के कारण फंसे यात्री सहायता की तलाश में
सुनीता ने बताया कि बाढ़ आने के बाद वहां फंसे लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि आगे कैसे बढ़ें या सुरक्षित स्थान पर कैसे पहुंचें। स्थानीय अधिकारियों से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। उनके अनुसार, इस आपदा में कई भारतीय नागरिक लापता हो गए हैं, और स्थानीय लोग भी इस स्थिति से परेशान हैं। यात्रियों को यह भी पता नहीं है कि किस रास्ते से आगे बढ़ना है या किस दिशा में जाना चाहिए।
मौसम की मार और मदद की उम्मीदें
सुनीता ने अपनी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास निकलने का कोई परमिशन नहीं है, जिससे वे अपने घर लौटने का रास्ता खोज रहे हैं। उनकी तबीयत भी खराब हो रही है, और सांस लेने में कठिनाई हो रही है। साथ ही, खाने-पीने का भी कोई इंतजाम नहीं है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने भारत सरकार से मदद की अपील की है, खासकर प्रधानमंत्री से, ताकि चीन की सरकार से बातचीत कर भारतीय नागरिकों के रेस्क्यू की व्यवस्था कराई जा सके।
सुनीता ने यह भी बताया कि वह तिब्बत के न्यालम काउंटी में स्थित जियांगडाकांग होटल में ठहरी हैं, जहां कई अन्य यात्री भी फंसे हुए हैं। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में और भी यात्री वहां पहुंच सकते हैं। इस स्थिति में, सभी यात्रियों के लिए जरूरी है कि उन्हें कोई परमिट जारी किया जाए ताकि वे सुरक्षित रूप से अपने घर वापस लौट सकें। वर्तमान में, यात्रियों को यह भी स्पष्ट नहीं है कि आगे किस दिशा में जाना है या किस रास्ते से निकलना चाहिए।
नेपाल में हिमस्खलन और भूकंप के कारण आई बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है, जिसमें कई लोगों की जानें गई हैं और कई लापता हैं। इस प्राकृतिक आपदा का असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ा है, जिससे यात्रा कर रहे श्रद्धालु भी प्रभावित हुए हैं। सुनीता ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी पीड़ा व्यक्त की और भारत सरकार से तत्काल मदद की अपील की है।











