प्रधानमंत्री मोदी की नई भाजपा संगठन से बैठक
शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई राष्ट्रीय टीम के सदस्यों से मुलाकात की। यह बैठक उस समय हुई जब पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 17 अगस्त को 65 सदस्यीय नई टीम की घोषणा की थी। यह पहली बार था जब नई संगठनात्मक टीम से प्रधानमंत्री ने सीधे संवाद किया। बैठक पार्टी मुख्यालय में आयोजित की गई, जहां संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि संगठन की इन बैठकों का उद्देश्य नए विचारों और दृष्टिकोण को सामने लाना है। इन प्रयासों का मुख्य लक्ष्य पार्टी को मजबूत बनाना और जनता के साथ उसके जुड़ाव को और अधिक गहरा करना है। इससे पहले, नितिन नबीन ने पार्टी के नए पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन की रणनीति पर चर्चा की। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
संगठनात्मक बैठकें और चुनावी तैयारियां
इस दौरान, विभिन्न राज्यों के भाजपा अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और प्रभारी भी बैठक में शामिल हुए। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों की रणनीति तय करना और संगठन की स्थिति का आकलन करना था। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। पार्टी का जोर संगठन को नई ऊर्जा देने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि संगठन की बैठकें नए विचार और दृष्टिकोण लाने का माध्यम हैं, जो पार्टी को मजबूत बनाने और जनता के साथ संबंध मजबूत करने में मदद करेंगी। इन बैठकों का उद्देश्य पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करना और आगामी चुनावों में सफलता सुनिश्चित करना है।
युवाओं से जुड़ने पर विशेष ध्यान
नितिन नबीन ने नई टीम को युवाओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने ‘युवा संवाद’ को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया, ताकि युवा वर्ग के साथ संगठन का जुड़ाव मजबूत हो सके। पार्टी आने वाले दिनों में बड़े अभियान शुरू करने की योजना बना रही है, जिसमें 14 वर्ष और उससे अधिक उम्र के युवाओं को लक्षित किया जाएगा। इसमें जेन Z और जेन अल्फा के युवा भी शामिल होंगे।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJP Yuva Morcha) इन नई टीमों के गठन और उन्हें सक्रिय करने में मदद करेगा। पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारियों को भी इस अभियान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी का उद्देश्य युवाओं के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाना है, ताकि नई पीढ़ी के साथ मजबूत संबंध स्थापित हो सकें।
आज पार्टी मुख्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में, नितिन नबीन ने कहा कि संगठन की इस ऊंचाई तक पहुंचने में कार्यकर्ताओं का परिश्रम, त्याग और अनुशासन मुख्य भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया।
टीम में हुई प्रमुख बदलाव और राष्ट्रगान का सम्मान
भाजपा की नई टीम में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी संगठन में नई जिम्मेदारी मिली है। साथ ही, राम माधव की भी संगठन में वापसी हुई है। इस नई टीम में कुल 65 पदाधिकारी शामिल हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य संगठन को फिर से मजबूत बनाना और आगामी चुनावों की तैयारी करना है।
बैठक में भाजपा ने वंदे मातरम् को लेकर एक प्रस्ताव भी पारित किया, जिसमें कांग्रेस की उस नीति की आलोचना की गई है जिसमें केवल पहली दो पंक्तियों को गाने की बात कही गई थी। पार्टी का मानना है कि राष्ट्रगान का सम्मान और उसकी विरासत को तुष्टिकरण के लिए समझौता नहीं किया जा सकता। नितिन नबीन ने कहा कि 1937 के राजनीतिक समझौते, 1950 के संविधानिक निर्णय और 2026 में संसद द्वारा पारित कानून से ऊपर राष्ट्रगान का सम्मान है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसद ने 30 जुलाई 2026 को ‘Prevention of Insults to National Honour Amendment Act’ पारित किया, जिसके तहत वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के समान कानूनी दर्जा दिया गया है। इस कदम का मकसद राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान को कायम रखना है।










