एनआईए हाफिज सईद को पाकिस्तान में कोर्ट का सम्मन भेजेगी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) आतंकवादी हाफिज सईद को पाकिस्तान में न्यायालय के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस भेजने की योजना बना रही है। यह सम्मन विदेश मंत्रालय के माध्यम से भेजा जाएगा, ताकि हाफिज सईद को कानूनी प्रक्रिया का सामना करने का अवसर मिले।
पहलागाम हमले में हाफिज सईद पर आरोप और गिरफ्तारी का आदेश
पहलागाम हमले के मामले में एनआईए ने हाफिज सईद के खिलाफ अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें उसे मुख्य आरोपी माना गया है। जम्मू की एनआईए अदालत ने इस मामले में गैर-जमानती वारंट भी जारी किया है। चूंकि हाफिज सईद इस मामले में आरोपी है, इसलिए उसे अदालत में हाजिरी लगाने के लिए सम्मन भेजा जाएगा। उसकी अनुपस्थिति में ही इस आतंकवादी हमले का ट्रायल एनआईए कोर्ट में शुरू किया जाएगा, जिसे ट्रायल ऑफ एबसेंटिया कहा जाता है। यह हमला 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुआ था, जिसमें पर्यटकों को निशाना बनाया गया था।
आतंकवाद से जुड़ी अन्य प्रमुख खबरें और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव
इस बीच, भारत ने पाकिस्तान में छिपे हुए छह आतंकियों पर कार्रवाई की है, और 26/11 मुंबई हमले के मामले में ट्रायल चलाने की तैयारी कर रहा है। वहीं, मौलाना ने खुलासा किया है कि हाफिज सईद ने कश्मीर में 10 हजार आतंकियों को भेजा है। लश्कर-ए-तैयबा के मंच पर शेख राशिद ने स्वीकार किया कि वह हाफिज सईद के ‘गुलाम’ हैं।
वहीं, भारत के पानी रोकने की धमकी को लेकर पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने कहा है कि भारत अपनी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर जरूरत पड़ने पर पानी को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत सिंधु जल संधि को स्थगित कर सकता है, और जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता, तब तक यह संधि बहाल नहीं होगी। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। पाकिस्तान इस कदम को अवैध और एकतरफा मानता है।










