सूरत में हनीट्रैप का खतरनाक मामला सामने आया
सूरत शहर के सरथाना क्षेत्र से एक जटिल हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का मामला प्रकाश में आया है। यहां एक अकाउंटेंट को झूठे प्रलोभनों में फंसाकर उससे मिलने बुलाया गया, फिर उसे धमकी देकर बलात्कार का भय दिखाया गया। इस दौरान उसे अपहरण कर 17 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। पुलिस ने इस जालसाजी में शामिल एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और उनके अपराध
पुलिस ने इस जालसाजी में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान मार्मिक भूपत भुवा और शीतल पटेल के रूप में की है। इन दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर 25 वर्षीय एक अकाउंटेंट को फंसाया। शीतल ने पहले अज्ञात मोबाइल नंबर से युवक को मैसेज भेजा, जिसमें उसने खुद को शीतल पटेल बताया। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। 5 अक्टूबर को शीतल ने युवक को कॉल कर सूरत के कामरेज इलाके में एक टी स्टाल पर बुलाया। जब युवक वहां पहुंचा, तो शीतल उसकी बाइक पर बैठ गई और उसे गार्डन में घूमने का प्रस्ताव दिया।
मामले का पूरा घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई
जैसे ही दोनों कुछ दूर गए, एक बिना नंबर प्लेट वाली कार उनके पास आ गई, जिसमें शीतल के तीन साथी भी थे। इन सभी ने युवक को बलात्कार के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी और उससे ऑनलाइन 17 हजार रुपये ट्रांसफर कराए। युवक ने इसकी शिकायत सूरत के सरथाना पुलिस थाने में दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने शीतल पटेल और मार्मिक भूपत भुवा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो आरोपी अभी भी फरार हैं।
पुलिस की चेतावनी और आगे की कार्रवाई
सूरत पुलिस के डीसीपी राघव जैन ने बताया कि हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरथाना थाने में ऐसी शिकायतें आ रही थीं कि एक गिरोह लड़कों को फंसाकर ब्लैकमेल करता है। इसमें एक लड़की सुनसान इलाके में ले जाकर लड़कों को घेर लेती है और फिर मारपीट कर ब्लैकमेलिंग करती है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक मार्मिक भूपत भुवा ड्राइवर है और दूसरी महिला शीतल पटेल अमरोली की रहने वाली है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपहरण, extortion और मारपीट का मामला दर्ज किया है।











