दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर घोटाले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडर में हुई धांधली और भ्रष्टाचार के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सख्त कदम उठाए हैं। इस जांच के तहत एसीबी ने दिल्ली सरकार के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) उदित प्रकाश राय सहित कुल छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर दर्ज मामले के आधार पर की गई है, जिसमें आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं।
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी
पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपनी गिरफ्तारी को पंजाब विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए कहा है कि यह पूरी कार्रवाई चुनावी माहौल को ध्यान में रखकर की गई है। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने एक एसीबी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि मंगलवार सुबह तक सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने का कोई योजना नहीं थी। केजरीवाल ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का फोन आया था, जिसके बाद जैन को गिरफ्तार किया गया। इस दावे पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र और वरिष्ठ कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
संदीप दीक्षित का आरोप और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
संदीप दीक्षित ने अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि अंदर के अधिकारियों से जानकारी लेकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले और कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान भी इसी तरह के आरोप लगाए गए थे। दीक्षित ने आरोप लगाया कि केजरीवाल और उनके सहयोगी बार-बार झूठ बोल रहे हैं और इन मामलों में कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सात-आठ वर्षों से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में अनियमितताओं की खबरें आ रही हैं, जिसमें ठेकों के रेट भी चौगुने किए गए हैं। इसलिए, यह कहना कि इन घोटालों में संदेह नहीं था, सही नहीं है।










