राजस्थान यात्रा के दौरान हुआ खतरनाक हादसा
रात्रि का समय था जब लगभग 50 श्रद्धालु एक कैंटर में सवार होकर धार्मिक यात्रा पर निकले थे। इनमें महिलाएं, बच्चे और पुरुष सभी शामिल थे। ये लोग बागड़ धाम (Rajasthan) जाने के लिए निकले थे, लेकिन किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि उनका सफर एक भीषण दुर्घटना में बदल जाएगा।
करनाल (Karnal) के घरौंडा में मिनी बायपास के पास श्रद्धालुओं से भरे इस कैंटर पर हाईवोल्टेज बिजली की तारें गिर गईं। जैसे ही तारें टकराई, कैंटर में करंट दौड़ पड़ा और कई यात्री झुलस गए। इस हादसे के बाद आग भी लग गई, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। इस दुर्घटना में 20 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं। कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
हादसे का कारण और प्रभावित यात्रियों की स्थिति
घायल संजय के अनुसार, यह यात्रा नियमित रूप से करने वाले श्रद्धालु थे। इस बार रास्ते में एक छोटी सी चूक ने भारी नुकसान कर दिया। संजय ने बताया कि कैंटर का चालक नया था और उसने ऊपर सामान रखने के लिए एक अतिरिक्त ढांचा लगाया था, जिसमें लोहे का पाइप भी था। यह पाइप ऊपर से गुजर रही हाईवोल्टेज लाइन से छू गया, जिससे यह हादसा हुआ।
संजय के अनुसार, जब पहली बार हाईवोल्टेज तारें टकराई, तो बिजली चली गई। उस समय यात्रियों को लगा कि खतरा टल गया है। लेकिन जैसे ही बिजली वापस आई, कैंटर फिर से तारों से संपर्क में आ गया और करंट दौड़ पड़ा। इससे यात्रियों को बिजली के झटके लगे और स्थिति भयावह हो गई।
घायलों का उपचार और जांच प्रक्रिया
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे। घायलों को तुरंत ही कैंटर से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। घरौंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 15 घायल पहुंचे, जिनमें से कुछ जले हुए थे और कुछ की हालत गंभीर थी।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को करनाल (Karnal) के कल्पना चावला अस्पताल और सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया। एंबुलेंस के माध्यम से घायलों का इलाज जारी है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि हादसे का मुख्य कारण कैंटर के ऊपर लगाए गए ढांचे की ऊंचाई और उसकी संरचना है, जिसे जांच के बाद ही स्पष्ट किया जाएगा।
पुलिस और प्रशासन इस हादसे की पूरी जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हाईवोल्टेज तारों से संपर्क कैसे हुआ और क्या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ है। इस बीच, घायल श्रद्धालुओं का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।









