दिल्ली में एचआईवी के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान शुरू
दिल्ली सरकार ने एचआईवी संक्रमण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस 60 दिनों के महाअभियान के अंतर्गत, शहर के गांवों, कॉलोनियों और झुग्गियों में घर-घर जाकर मुफ्त एचआईवी जांच शिविर लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य न केवल संक्रमण के प्रसार को रोकना है, बल्कि पीड़ितों के साथ होने वाले भेदभाव को भी खत्म करना है।
सामाजिक जागरूकता और प्राथमिकता पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमें एचआईवी से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करना और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संक्रमित व्यक्ति को उसकी स्थिति के कारण भेदभाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि एक जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम है। इस अभियान में छात्रों, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य पेशेवरों, नागरिक संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों से भागीदारी की अपील की गई है। यह प्रयास मुख्य रूप से एचआईवी के प्रसार को रोकने, शुरुआती जांच और उपचार को बढ़ावा देने, और ‘एचआईवी और एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 2017’ के तहत पीड़ितों को मिलने वाले अधिकारों पर केंद्रित है।
सामुदायिक स्तर पर जागरूकता और जांच कार्यक्रम
इस अभियान के तहत, गांवों, कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ियों में जागरूकता बैठकों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, लोक कला प्रदर्शन, स्कूल और कॉलेजों में आउटरीच कार्यक्रम, फ्लैश मॉब, जागरूकता रैलियां, घर-घर जाकर कैंपेन, डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। सरकार ने बताया कि इन गतिविधियों में मामलों की तेजी से पहचान, समुदाय आधारित एचआईवी स्क्रीनिंग, मोबाइल टेस्टिंग पहल और एकीकृत स्वास्थ्य शिविर भी शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य एचआईवी जागरूकता को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से आगे बढ़ाकर समुदाय, शैक्षणिक संस्थान और घर तक पहुंचाना है। शुरुआती जांच और समय पर इलाज से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें ऐसा माहौल बनाना चाहिए, जहां लोग बिना किसी डर या कलंक के अपनी जांच और इलाज करवा सकें।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वर्ष 2025-26 के दौरान 14.29 लाख एचआईवी टेस्ट किए गए, जिनमें से 5570 मामलों की पहचान हुई। वर्तमान में, शहर के 12 एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) केंद्रों पर 44,546 लोग सक्रिय इलाज करा रहे हैं। उच्च जोखिम वाले समूहों के 92.13 प्रतिशत हिस्से को लक्षित कर के हस्तक्षेप किए जा रहे हैं। दिल्ली में 87 रेड रिबन क्लब सक्रिय हैं, और एचआईवी सेवाओं को मजबूत करने के लिए सुरक्षा केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘दिल्ली स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी’ की योजना के तहत, अब तक 8047 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता दी जा चुकी है, जिनमें पीड़ित बच्चे, प्रभावित या संक्रमित अनाथ बच्चे भी शामिल हैं।










