सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल विवाद
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने सफदरजंग अस्पताल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल उनकी पति की मेडिकल रिपोर्ट नहीं दे रहा है और डॉक्टरों से मिलने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है। इस विवाद के कारण उनका भरोसा अस्पताल पर से पूरी तरह टूट चुका है।
गीतांजलि ने अस्पताल से रिपोर्ट को डिजिटल या कागजी रूप में साझा करने का अनुरोध किया, लेकिन अस्पताल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने यह भी बताया कि जो डॉक्टर पिछले कई दिनों से सोनम वांगचुक का इलाज कर रहे थे, उन्हें भी अब उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिल रही है। इस पारदर्शिता की कमी ने उनके विश्वास को हिला दिया है, जिसके कारण उन्होंने फैसला किया है कि सोनम वांगचुक को किसी और मेडिकल सेंटर में शिफ्ट किया जाए।
मीडिया से बातचीत और कोर्ट के आदेश का संदर्भ
गीतांजलि ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में कहीं भी अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश नहीं था। कोर्ट ने केवल इतना कहा था कि मरीज की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है और उसकी निगरानी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सोनम वांगचुक का कोई इलाज नहीं चल रहा है, बल्कि केवल निगरानी और जांचें की जा रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि परिवार अब इन जांचों को किसी बाहरी लैब से करवाना चाहता है। अस्पताल द्वारा बताए गए पोटैशियम स्तर पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एक दिन पहले यह स्तर 4.3 था, और इतनी तेजी से 2.9 तक पहुंचना समझ से परे है। वे इन आंकड़ों की पुष्टि किसी दूसरी लैब से करवाना चाहते हैं।
सोनम वांगचुक का उपवास और परिवार की स्थिति
गीतांजलि ने बताया कि सोनम वांगचुक का उपवास अभी भी जारी है और वे शक्कर नहीं ले रहे हैं। वे केवल नमक वाला पानी पी रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी मदद की है, जिसके लिए वे आभारी हैं, लेकिन आगे की देखभाल का जिम्मा परिवार ही संभालेगा।
उन्होंने यह भी माना कि भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक कमजोर हो गए हैं और उनकी मांसपेशियां भी प्रभावित हुई हैं, जो लंबे उपवास में सामान्य है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे अभी भी होश में हैं और मानसिक रूप से मजबूत बने हुए हैं।









