दिल्ली में मॉनसून के बावजूद गर्मी और उमस का कहर जारी
राजधानी दिल्ली में इस बार मानसून के दौरान भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलना मुश्किल हो रहा है। गुरुवार को यहाँ का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले दो वर्षों में जुलाई का सबसे उच्चतम तापमान है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी यह गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पाएगी।
आसमान में बादल तो बन रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर से आ रही नम दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण दिल्ली के ऊपर बादल तो बन रहे हैं, लेकिन गुजरात से गुजरते समय इन हवाओं में नमी कम हो जाती है। इस वजह से बादल बनने के बावजूद बारिश नहीं हो पा रही है। स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि फिलहाल कोई सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं है, जो इन बादलों को बारिश में बदल सके। अगले तीन दिनों तक दिल्ली का अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
आगामी दिनों में बारिश और मौसम में बदलाव की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि 16 से 19 जुलाई के बीच दिल्ली में हल्की और छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं 20 से 22 जुलाई के बीच व्यापक और अधिक बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, 18 जुलाई तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
वायु गुणवत्ता और स्वास्थ्य पर प्रभाव
गर्मी के साथ ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार गुरुवार शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 176 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। CPCB के अनुसार 101 से 200 के बीच AQI को मध्यम माना जाता है, जिससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है।









