भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नई जानकारी सामने आई
बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के बीच अब नई जानकारी प्रकाश में आई है। इस मामले में न्यायिक जांच आयोग और भोजपुर पुलिस दोनों ने अपने-अपने पक्ष को स्पष्ट किया है। आयोग का कहना है कि अभी तक उनके पास ऐसा कोई साक्ष्य या आवेदन नहीं आया है, जिससे फेसबुक लाइव वीडियो के डिलीट होने के दावों की पुष्टि हो सके।
जांच आयोग और पुलिस ने दी अपनी स्थिति स्पष्ट
जांच आयोग के सचिव ने बताया कि मोबाइल फोन जो इस विवाद का मुख्य विषय है, वह फिलहाल न्यायालय के कब्जे में है और उस पर विचाराधीन मामला चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक आयोग के समक्ष कोई औपचारिक आवेदन या तकनीकी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, जिनसे यह साबित हो सके कि मृतक के फेसबुक लाइव वीडियो को डिलीट किया गया है। यदि भविष्य में जांच के दौरान इसकी आवश्यकता महसूस हुई, तो आयोग विधि सम्मत प्रक्रिया का पालन कर आवश्यक कदम उठाएगा।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रहे आरोपों का खंडन किया
वहीं, भोजपुर के पुलिस अधीक्षक ने भी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मृतक के सोशल मीडिया अकाउंट से किसी भी पोस्ट या वीडियो को हटाने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म को कोई अनुरोध नहीं भेजा है। जांच के दौरान साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पहले ही संबंधित अकाउंट का डिजिटल डेटा संरक्षित कर लिया गया था। इसलिए, सोशल मीडिया पर वीडियो डिलीट होने का दावा निराधार है।











