बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का महत्वपूर्ण बैठक
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति के बीच कांग्रेस ने बुधवार को एक अहम बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ ही बिहार स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन भी शामिल हुए। इस चर्चा में बिहार की कुल 25 सीटों पर विचार-विमर्श हुआ और इन सीटों के उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी गई।
रणनीतिक संदेश और सीटों का निर्धारण
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस का यह कदम एक रणनीतिक दबाव बनाने का प्रयास है, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि वह बिहार चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बताया कि, “सीट बंटवारे को लेकर जो भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है, उसके बीच दिल्ली में इस बैठक का आयोजन हमारे सहयोगियों के लिए स्पष्ट संकेत है कि अब हम पीछे नहीं हटेंगे। जिन सीटों पर स्क्रीनिंग कमेटी मुहर लगाएगी, वही सीटें कांग्रेस लड़ेगी। इसमें कोई दिखावा या प्रतीकात्मकता नहीं होगी।”
महागठबंधन में बढ़ती खींचतान और आगामी फैसले
यह बैठक उस समय हुई जब पटना में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन के नेताओं की तीसरे दौर की चर्चा देर रात तक चली। इस बैठक में आरजेडी, कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और माकपा (CPI-M) के प्रतिनिधि मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने 40 से अधिक सीटों की मांग रखी है और कांग्रेस के 60 सीटों के दावे पर सवाल उठाए। सहनी ने कहा कि मल्लाह समुदाय पूरी तरह उनके समर्थन में है और उनके बिना विपक्ष सत्ता में नहीं आ सकता, इसलिए उन्हें उचित सम्मान और हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान भी हुआ। कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ और पार्टी के हालिया प्रदर्शन ने विपक्ष में नई ऊर्जा का संचार किया है।










