वांगचुक के अनशन और अभिजीत दीपके की वायरल वीडियो पर बहस
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन का दसवां दिन पूरा होने के साथ ही, मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बिंदु बन गया है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह खाना खाते नजर आए। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं, और दीपके को ट्रोल भी किया गया। उन्होंने इस पूरे विवाद में अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनका यह कदम पूरी रणनीति का हिस्सा है।
दीपके की सफाई और अनशन से जुड़ी रणनीति
जब पूछा गया कि मंच पर केवल एक ही व्यक्ति क्यों भूखा है, तो अभिजीत दीपके ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह निर्णय वांगचुक का ही था। उन्होंने बताया कि आंदोलन को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरी टीम का स्वस्थ रहना जरूरी है। यदि सभी लोग भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे, तो हजारों छात्रों का नेतृत्व कैसे किया जाएगा? साथ ही, दीपके ने अपनी व्यक्तिगत मजबूरी भी बताई। उन्होंने कहा कि उन्हें माइग्रेन की समस्या है, जिसके कारण उपवास रखना उनके लिए बहुत कठिन है।
दीपके ने यह भी कहा कि वह वांगचुक की तेजी से गिरती सेहत को लेकर चिंतित हैं। पिछले कुछ दिनों में उनका वजन पांच किलो तक कम हो चुका है। उन्होंने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की भी अपील की थी, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। वांगचुक का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
प्रदर्शन की मुख्य मांगें और राजनीतिक समर्थन
जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य नीट परीक्षा में हुए पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ आवाज उठाना है। इस आंदोलन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की जा रही है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह आंदोलन अब सड़कों पर भी पहुंच चुका है। विपक्षी नेताओं जैसे संजय सिंह और महुआ मोइत्रा ने इस प्रदर्शन का समर्थन किया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक इन मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।









