लालू प्रसाद यादव ने बिहार की जनता को लिखा खुला पत्र
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने पार्टी के 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर बिहार की जनता के नाम एक विस्तृत पत्र लिखा है। इस संदेश में उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला है, विशेष रूप से भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और संविधान की मूल भावना खतरे में है। लालू यादव ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है, जिससे लोकतंत्र को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा की नीतियों पर लालू यादव का आरोप और वैचारिक संघर्ष की चेतावनी
लालू यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर संस्थाओं को कमजोर कर रही है और “हिंदुत्व” के नैरेटिव को बढ़ावा देकर देश के महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे बेरोजगारी, शिक्षा, सामाजिक न्याय, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे आगामी वैचारिक लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। लालू यादव ने यह भी कहा कि आरजेडी केवल चुनाव लड़ने वाली पार्टी नहीं है, बल्कि यह संविधान की रक्षा और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लड़ने वाला एक आंदोलन है।
पार्टी का इतिहास और कार्यकर्ताओं का योगदान
लालू यादव ने अपने पत्र में बताया कि आरजेडी का गठन 5 जुलाई 1997 को गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के अधिकारों के संरक्षण के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि पार्टी पिछले तीन दशकों से सामाजिक न्याय, समानता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है। लालू यादव ने पार्टी के कार्यकर्ताओं के योगदान की भी प्रशंसा की और कहा कि उनके समर्पण और बलिदान ने पार्टी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के साथ खड़े रहने के लिए उन्होंने सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का धन्यवाद किया। अंत में, लालू यादव ने पार्टी के 30वें स्थापना दिवस पर बिहार में जश्न की बात कही और बताया कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।









