वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण
भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया है। उनके पदार्पण के साथ ही उनके पैतृक गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर में उनके घर पर उत्सव का माहौल देखने को मिला। गांव के लोग लगातार उनके घर पहुंचकर परिवार को बधाई दे रहे हैं। हालांकि पहले मैच में वैभव ने केवल 14 रन बनाए और आउट हो गए, लेकिन परिवार का भरोसा है कि आने वाले मैचों में वह बड़ी पारियां खेलेंगे।
वैभव के चाचा का बयान और रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि
वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी ने कहा कि उनके भतीजे ने भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने दावा किया कि वैभव ने 36 साल पहले बने सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जो सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड था। उन्होंने इसे पूरे बिहार और देश के लिए गर्व का क्षण बताया। राजीव सूर्यवंशी ने भारतीय टीम प्रबंधन का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने वैभव की प्रतिभा को पहचानते हुए इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच में मौका दिया।
परिवार और गांव में खुशी का माहौल
डैब्यू मैच में वैभव ने 10 गेंदों पर 14 रन बनाए, जिसमें दो शानदार छक्के भी शामिल थे। हालांकि वह स्टंप आउट हो गए, लेकिन यह उनके करियर की शुरुआत है। परिवार का मानना है कि आने वाले समय में वह अपने बल्ले से कई बड़ी पारियां खेलेंगे और नए रिकॉर्ड बनाएंगे। वैभव के चाचा ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना भारतीय टीम के लिए खेलने का था, जो आज पूरा हो गया है। उनके माता-पिता ने भी इसी दिन का सपना देखा था। आज पूरा परिवार बहुत भावुक और खुश है। गांव में मिठाइयां बांटी गईं और सभी ने मिलकर उनके सफलता की खुशी मनाई। स्थानीय लोग मानते हैं कि वैभव ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन किया है, और अब वह भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।









