इंदौर में पहली बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में प्रसिद्ध इंदौर में मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। शहर में इस वर्ष के शुरुआत में ही दावा किया गया था कि जलभराव की समस्या से निजात पाने के लिए व्यापक ड्रेनेज सुधार कार्य पूरे कर लिए गए हैं। लेकिन जैसे ही पहली तेज बारिश हुई, शहर के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो ने ड्रेनेज सिस्टम की खामियों को उजागर किया
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इंदौर के ड्रेनेज सिस्टम और नगर निगम के कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। यह वीडियो न्याय नगर इलाके का है, जो शहर के व्यस्ततम चौराहे के पास स्थित है। यहां वार्ड क्रमांक 37 और 40 के बीच अग्रवाल शोरूम के पास से एक बारात गुजरनी थी, लेकिन भारी बारिश के कारण गंदे पानी का ओवरफ्लो हो गया और सड़कें करीब एक से डेढ़ फीट तक जलभराव से भर गईं।
बारात को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा
मजबूरी में दूल्हा घोड़े पर सवार होकर और बाराती गंदे पानी में चलकर आगे बढ़ने को मजबूर हुए। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि दूल्हा घोड़े पर बैठा है और आसपास के दृश्य को देखकर उसकी हैरानी और असहजता झलक रही है। वहीं, बाराती और बैंड-बाजे वाले भी घुटनों तक भरे गंदे पानी में पैदल चलकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। यह घटना शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलने वाली है, जो मानसून के दौरान भी पूरी तरह फेल साबित हो रही है।











