हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने की आत्महत्या
हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को अपने जीवन का अंत कर लिया। उन्होंने कनपटी पर गोली मारकर अपनी जान ली। इस घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। इस मामले में अब एक नया मोड़ आया है, जब एक शराब कारोबारी ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला जुड़ा हुआ है।
रिश्वत मांगने का आरोप और गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, शराब व्यवसायी प्रवीण बंसल ने रोहतक के थाना में एडीजीपी के पीएसओ सुशील के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि सुशील ने उनसे हर माह 2.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस शिकायत के आधार पर रोहतक पुलिस ने सुशील को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
संबंधित जांच और खुलासे
पुलिस की जांच में पता चला है कि सुशील कुमार ने पूछताछ के दौरान अपने वरिष्ठ अधिकारी वाई पूरन कुमार का नाम लिया। उसने स्वीकार किया कि उसने वाई पूरन कुमार के कहने पर ही रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में दो दिन पहले एक एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें वाई पूरन कुमार का नाम भी शामिल था। एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें सुशील किसी कारोबारी से पैसे की बात कर रहा था।
पूरन कुमार का तबादला और वर्तमान स्थिति
सूत्रों के अनुसार, वाई पूरन कुमार को 29 सितंबर को रोहतक रेंज के आईजी पद से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) सुनारिया में आईजी के रूप में भेजा गया था। इस तबादले को विभागीय हलकों में ‘पेनल्टी पोस्टिंग’ माना जा रहा था। तब से वे छुट्टी पर चल रहे थे।
आरोपों और आत्महत्या के पीछे का संदर्भ
शराब कारोबारी प्रवीण बंसल का आरोप है कि जून-जुलाई में उन्हें आईजी ऑफिस से कॉल आया और धमकाया गया कि सुशील से मिलकर रिश्वत तय कर लें। कुछ दिनों बाद सुशील उनके कार्यालय आया और 2.5 लाख रुपये की मांग की। इंकार करने पर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस घटना के बाद उन्होंने थाने जाकर एफआईआर दर्ज कराई।











