ज्योति याराजी ने चोट के बाद शानदार वापसी की
भारतीय हर्डलर ज्योति याराजी ने एक वर्ष से अधिक समय की चोट के बाद ट्रैक पर अपनी धमाकेदार वापसी की है। भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 100 मीटर बाधा दौड़ जीतकर अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। इस प्रतियोगिता के पहले ही दिन, 26 वर्षीय इस एथलीट ने अपनी फिटनेस और प्रतिभा का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने वाली रेस
ज्योति ने 100 मीटर बाधा दौड़ को महज 12.99 सेकंड में पूरा कर स्वर्ण पदक हासिल किया। साथ ही, उन्होंने एशियन गेम्स के लिए निर्धारित क्वालीफाइंग मानक 13.34 सेकंड को भी आसानी से पार कर लिया। रेस के दौरान उन्होंने 13.14 सेकंड का समय निकालते हुए अपनी बेहतरीन फॉर्म का प्रदर्शन किया। इस दौड़ में तमिलनाडु की नंदिनी के. दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि ओडिशा की प्रज्ञान प्रशांत साहू तीसरे स्थान पर रहीं।
चोट से जूझने का कठिन सफर और नई शुरुआत
पिछले एक साल ज्योति के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण रहा। जून में ट्रेनिंग के दौरान उनके दाहिने घुटने में चोट लगी, जिसके कारण उन्हें एंटेरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) की सर्जरी करानी पड़ी। इस दौरान कई बार उनके मन में भविष्य को लेकर चिंता उत्पन्न हुई, लेकिन उनके कोच, एएफआई (एशियन गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) और टीम ने उन्हें निरंतर प्रोत्साहित किया। वेन लोम्बार्ड जैसे स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग विशेषज्ञ के साथ काम करने से उन्हें तेजी से रिकवरी में मदद मिली। अपनी जीत के बाद, ज्योति ने कहा, “मैं वापस आकर बहुत खुश हूं। मैं अपनी जगह किसी को भी आसानी से नहीं लेने दूंगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अभी पूरी तरह से रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया में हैं और जल्द ही एशियन गेम्स में अपनी पूरी क्षमता के साथ उतरेंगे। इस चैंपियनशिप में अन्य उल्लेखनीय परिणामों में पोल वॉल्टर देव मीणा ने 5.46 मीटर के साथ नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया, वहीं 18 वर्षीय अनुष्का यादव ने महिला हैमर थ्रो में 67.02 मीटर की दूरी तय कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया।











