बिहार में लालू यादव के जन्मदिन पर विवादित झुमका मामला
बिहार की राजनीति में एक बार फिर से नई बहस शुरू हो गई है, जब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन समारोह में भोजपुरी गायक राम शरण यादव उर्फ छोटे छलिया को राबड़ी देवी द्वारा कथित रूप से कीमती झुमका भेंट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधान परिषद सदस्य और प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
आर्थिक अपराध इकाई से जांच की मांग और आरोप
नीरज कुमार ने 13 जून 2026 को बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को एक पत्र भेजकर इस मामले की जांच की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि लालू यादव के जन्मदिन समारोह में छोटे छलिया को जो झुमका दिया गया, उसके बारे में अलग-अलग सार्वजनिक बयान सामने आए हैं। कहीं इसे हरे रंग का कीमती आभूषण बताया गया है, तो कहीं सोने और अन्य बहुमूल्य धातु से बना बताया जा रहा है। ऐसे में इसकी सच्चाई जानना जरूरी हो गया है।
झुमके की प्रकृति, कीमत और खरीद का विवरण मांगा गया
नीरज कुमार ने अपने पत्र में जांच एजेंसियों से झुमके की वास्तविक प्रकृति, उसकी बाजार कीमत और मूल्यांकन की जानकारी जुटाने का अनुरोध किया है। साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा है कि यह आभूषण कब और किस माध्यम से खरीदा गया, इसकी वित्तीय स्रोत क्या था और इसका असली स्वामित्व किसके पास है। इसके अलावा, आयकर नियमों का पालन हुआ या नहीं, इस पर भी सवाल उठाए गए हैं।
मामले की वित्तीय और कानूनी जांच की आवश्यकता
जेडीयू नेता ने यह भी संकेत दिया है कि यदि इस उपहार में कोई अवैध या बेनामी लेनदेन शामिल है, तो इसकी जांच आवश्यक है। उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका का भी जिक्र किया है और कहा है कि यदि इस उपहार में किसी तरह की अघोषित आय या अपराध से अर्जित धन का उपयोग हुआ है, तो इसे धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत भी जांचना चाहिए। टैक्स चोरी, वित्तीय अनियमितता और जनता को गुमराह करने वाले बयानों की भी जांच की जानी चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
इस मामले में अभी तक आरजेडी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक स्तर पर इसकी गहरी चर्चा हो रही है। जेडीयू ने अपने पत्र की प्रतियां बिहार और झारखंड के मुख्य आयकर आयुक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पटना कार्यालय और बिहार लोकायुक्त को भी भेजी हैं। साथ ही, नीरज कुमार ने ‘नौकरी के बदले जमीन’ मामले का भी जिक्र किया है, जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने चार्जशीट दाखिल कर आरोप तय कर दिए हैं। इस संदर्भ में उन्होंने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया है।









