उज्जैन में हाथी श्यामू की स्वास्थ्य जांच को लेकर विवाद
2016 से बाबा महाकाल की सवारी में भाग लेने वाले हाथी श्यामू को लेकर उज्जैन में तीव्र तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। गुरुवार को यहां एक चिकित्सकीय टीम ने उसकी स्वास्थ्य जांच के लिए महावत के निवास पर पहुंची, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। चिकित्सकों का मानना था कि श्यामू अब सवारी के लिए उपयुक्त नहीं है, जबकि महावत का आरोप था कि उसकी सवारी को रोकने की साजिश रची जा रही है और उसे ‘वनतारा’ (Zoo) भेजने की तैयारी चल रही है। महावत का दावा है कि उनका हाथी पूरी तरह स्वस्थ है और वह सवारी के लिए तैयार है। यह मामला पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
बढ़ते विवाद और हाथी की स्वास्थ्य जांच का प्रयास
30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावण मास में बाबा महाकाल की प्रसिद्ध सवारी निकाली जानी है, जिसमें श्यामू हाथी का भी शामिल होना तय है। पिछले दस वर्षों से यह हाथी हर वर्ष इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा रहा है। हालांकि, अब उसे अस्वस्थ बताकर सवारी से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है। गुरुवार को डॉक्टरों की टीम ने हाथी का ब्लड सैंपल लेने का प्रयास किया, लेकिन महावत और उनके परिवार ने इस प्रक्रिया का विरोध किया। बाद में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण जांच रोकनी पड़ी। अंततः, महावत परिवार ने हाथी का मल-मूत्र चिकित्सकों को सौंपा, ताकि उसकी सेहत का सही आकलन किया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि हाथी के पैर अंदर की ओर मुड़ रहे हैं, जिससे उसकी चलने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
संबंधित जानकारी और विवाद का इतिहास
श्यामू हाथी को लेकर यह विवाद सितंबर 2025 से चल रहा है। हालांकि, महाकाल मंदिर प्रशासन ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि इस वर्ष की सवारी में श्यामू शामिल होगा या नहीं। बता दें कि महाकाल सवारी के दौरान हाथी की पीठ पर बाबा महाकाल का विग्रह स्थापित किया जाता है, जिसे संभालने के लिए महावत के साथ ही एक या दो पंडित भी हाथी पर सवार रहते हैं। इस धार्मिक आयोजन में भारी भीड़ के बीच हाथी पांच से छह किलोमीटर का सफर तय करता है। इस पूरे विवाद के बीच, स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रशासन स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं।










