भारत में मॉनसून का आगमन और उसकी प्रगति
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सूचित किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 11 जून 2026 को बिहार के कुछ क्षेत्रों में अपनी शुरुआत कर दी है। पटना स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, सबसे पहले पूर्वी बिहार जैसे पूर्णिया और किशनगंज में मॉनसून की पहली झलक देखी गई है। धीरे-धीरे यह मानसून पूरे राज्य में फैलने की संभावना है। आने वाले दिनों में मानसून के विस्तार के लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जून तक पटना सहित कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस बार मानसून समय पर बिहार पहुंच चुका है, जिससे अगले सात दिनों में पूरे राज्य में मानसून का प्रभाव देखने को मिलेगा। साथ ही, IMD ने यह भी बताया है कि अगले दो से तीन दिनों में झारखंड में मानसून के पहुंचने का पूर्वानुमान है।
उत्तर प्रदेश में मानसून कब आएगा?
उत्तर प्रदेश में अभी तक मानसून की शुरुआत नहीं हुई है, लेकिन यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वी यूपी जैसे वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में मानसून 18 से 22 जून के बीच पहुंच सकता है। वहीं, मध्य यूपी के लखनऊ और कानपुर में यह 22 से 25 जून के बीच दस्तक दे सकता है। पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर जैसे नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में मानसून 25 से 30 जून के बीच पहुंचने की संभावना है।
मौसम की इन गतिविधियों के साथ ही, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की शुरुआत का इंतजार किया जा रहा है, जो फसलों और जलवायु के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
झारखंड और बिहार में मानसून का आगमन
IMD ने गुरुवार को कहा कि झारखंड के कुछ हिस्सों में अगले दो-तीन दिनों में मानसून पहुंच जाएगा। रांची समेत झारखंड के उत्तर-पूर्वी और मध्य भागों में गुरुवार को तेज हवाओं के साथ प्री-मॉनसून बारिश हुई। सामान्यतः झारखंड में मानसून का आगमन 10 जून के आसपास माना जाता है, लेकिन 2010 के बाद से यह ज्यादातर 12 से 25 जून के बीच पहुंच रहा है। IMD ने यह भी बताया है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
झारखंड के 18 जिलों के लिए शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से 24 घंटे का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जिसमें भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है। इसी तरह, 13 जून को भी इन जिलों में यह अलर्ट लागू रहेगा।
बिहार और उत्तर प्रदेश में भी मानसून के आगमन के साथ ही बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। IMD के बुलेटिन में स्पष्ट किया गया है कि इन दोनों राज्यों में मानसून का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे फसलों और जलवायु पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।











