जैकलिन फर्नांडीस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई स्थगित
बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडीस ने महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अपने खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों से राहत पाने की मांग की है।
इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने 30 मई को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था, जिसमें जैकलिन के साथ-साथ मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और अन्य 14 व्यक्तियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत आरोप तय किए गए थे। इस फैसले के बाद से अभिनेत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली, जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने खुद को किया अलग
सुप्रीम कोर्ट में जैकलिन की याचिका पर होने वाली सुनवाई को जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने खुद से अलग कर लिया है। उन्होंने इस निर्णय का कारण बताते हुए कहा कि उनके बेटे का इस मामले से जुड़ा एक अन्य केस में वकील के रूप में शामिल होना नैतिक रूप से उचित नहीं है।
इस वजह से अब इस विवाद की सुनवाई आगामी 24 जून को सुप्रीम कोर्ट की दूसरी बेंच करेगी, ताकि निष्पक्षता बनी रहे और किसी भी पक्ष को कोई संदेह न हो।
क्या है मामला और क्यों है यह महत्वपूर्ण?
जैकलिन फर्नांडीस का यह कदम इस बात का संकेत है कि उच्च न्यायालय में मामलों की निष्पक्षता और नैतिकता को लेकर गंभीर चिंता है। यह मामला बॉलीवुड और कानूनी जगत दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें आरोपों की गंभीरता और अभिनेत्री का कानूनी संघर्ष दोनों ही चर्चा का विषय बने हुए हैं।










