युवा सम्मेलन का उद्देश्य और भागीदारी
राजधानी दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित ‘यूथ फॉर विकसित भारत’ सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए युवाओं की भूमिका को मजबूत बनाना था। इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 6,000 युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों ने भारत की विविधता और नई पीढ़ी की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व किया। इनमें छात्र, युवा पेशेवर, महिलाएं, उद्यमी, कंटेंट क्रिएटर्स, इनोवेटर्स, उभरते नेता और विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने वाले युवा शामिल थे।
प्रतिभाशाली युवाओं का सम्मान और प्रमुख वक्ता
कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाग लिया। उनके साथ कई गणमान्य अतिथि और प्रतिष्ठित हस्तियां भी मंच पर मौजूद रहीं।
इस दौरान युवाओं से संवाद करने में भारत के स्टार धावक गुरिंदरवीर सिंह, बॉलीवुड अभिनेता विक्रांत मैसी, सफल उद्यमी अमन गुप्ता और ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत ने भाग लिया।
युवाओं का सम्मान और प्रेरणादायक संदेश
इस अवसर पर उन युवाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया। विशेष रूप से 100 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक धावक गुरिंदरवीर सिंह और भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज जितेश शर्मा को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “देश का युवा क्रिएटिव, साहसी और बदलाव लाने की क्षमता से भरपूर है। युवाओं को देश के साथ मिलकर काम करना चाहिए और अपने भविष्य का निर्माण करते हुए भारत को मजबूत बनाना चाहिए। विकसित भारत का सपना युवाओं की भागीदारी से ही साकार होगा।”
वहीं, बॉलीवुड अभिनेता विक्रांत मैसी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, “हमारे ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। खेलों में बदलाव देखने को मिल रहा है, और भारत की वैश्विक क्षमता लगातार बढ़ रही है। हमारा सफर अभी शुरू हुआ है और हमें विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ना है।”
उन्होंने सोशल मीडिया और डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए कहा, “इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अभूतपूर्व सशक्तिकरण दिया है। आज गांव में बैठा बच्चा भी वीडियो बना रहा है, एडिटिंग सीख रहा है और अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने ला रहा है।”
अंत में, उन्होंने महिलाओं की बदलती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, “पहले घर की महिलाओं को केवल हाउसवाइफ माना जाता था, लेकिन अब वे कंटेंट क्रिएटर बन रही हैं, अपनी पहचान बना रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। यह बदलाव नए भारत की तस्वीर को दर्शाता है।”










