साकेत में पांच मंजिला इमारत का ध्वंस और राहत कार्य
शनिवार को साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, दो मृतकों को अस्पताल लाया गया था, जबकि बाकी की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस दुर्घटना के कारण इलाके में अफरा-तफरी का माहौल फैल गया है। पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में लगी हैं। मलबे में फंसे लोगों की खोजबीन जारी है, ताकि अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
इमारत का ढहना और बचाव अभियान
जानकारी के अनुसार, शनिवार को महरौली थाना क्षेत्र के सैदुलाजाब इलाके में यह पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। यह इमारत पास की दूसरी इमारत पर गिर गई, जिसमें नीचे एक कैंटीन थी, जहां कुछ छात्र खाना खा रहे थे। घटना की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। फायर डिपार्टमेंट और एनडीआरएफ की टीमों ने रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। राहत दल ने मलबे से दस लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। बताया गया है कि यह इमारत एक व्यावसायिक इमारत थी, जिसमें कई कार्यालय थे, लेकिन शनिवार होने के कारण अधिकांश कर्मचारी नहीं थे।
मलबे में फंसे छात्रों और लाइब्रेरी का नुकसान
इमारत गिरने के समय मलबा बगल वाली दूसरी इमारत पर भी गिरा, जिसमें एक लाइब्रेरी चल रही थी। वहां पढ़ रहे एमबीबीएस (MBBS) के छात्र भारत की मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। अधिकांश छात्र समय रहते लाइब्रेरी से बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन मलबे के नीचे कैंटीन में मौजूद कुछ छात्र फंस गए। हादसे के दौरान तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद धूल और मलबे का गुबार आसमान में फैल गया। आसपास के लोग भी इस घटना को देखकर दहशत में आ गए। पुलिस के अनुसार, इस इमारत का बेसमेंट कोचिंग संस्थान के लिए इस्तेमाल हो रहा था, जबकि ऊपर निर्माण कार्य चल रहा था।










