पटना में सोशल मीडिया जालसाजी का खतरनाक मामला सामने आया
पटना (Patna) में एक जालसाजी का मामला प्रकाश में आया है, जो किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म जैसी कहानी प्रतीत होता है। यहां सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से दोस्ती कर उन्हें अपने जाल में फंसाया जाता था, फिर उनके घर बुलाकर नकदी और जेवरात लूट लिए जाते थे। यह खुलासा तब हुआ जब रूपसपुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसकी पहचान एक महिला से सोशल मीडिया पर हुई थी, और दोनों के बीच बातचीत धीरे-धीरे भरोसेमंद हो गई।
सामाजिक मीडिया के जरिए बनता था जाल, पुलिस ने किया खुलासा
शुरुआत में महिला ने पीड़ित को मिलने का आमंत्रण दिया, जिसे उसने सामान्य मुलाकात समझा। लेकिन जैसे ही वह महिला के घर पहुंचा, उसकी पूरी योजना का पता चला। आरोप है कि महिला और उसके पति ने मिलकर उससे नकदी और ज्वेलरी छीन ली। जैसे ही पीड़ित को समझ में आया, वह ठगी और लूट का शिकार बन चुका था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया संपर्क और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। अंततः महिला और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ में पता चला कि दोनों पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे। उनका तरीका था सोशल मीडिया पर संपर्क स्थापित करना, फिर दोस्ती बढ़ाना, भरोसा बनाना और अंत में मुलाकात के बहाने लूटपाट करना। जांच में यह भी सामने आया कि इन दोनों के खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने छानबीन के दौरान लूटे गए जेवरातों को भी बरामद किया, जिनको बेचने या ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी। इस पूरे नेटवर्क में तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से करीब 10 लाख रुपये नकद और लाखों रुपये कीमत के जेवरात मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि इस गैंग ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।









