बिहार सरकार का राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस
बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को उनके सरकारी आवास ’10 सर्कुलर रोड’ को खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है। इसके बावजूद, राबड़ी देवी ने इस आदेश का पालन करने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। इस विवाद ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह अपने आवास को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगी। राबड़ी देवी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
रैली और बयानबाजी के बीच राजनीतिक प्रतिक्रिया
रविवार को अपने पोते इराज के जन्मदिन समारोह में शामिल होकर पटना लौटने के बाद, एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने सरकारी आवास खाली करने के आदेश के बारे में सवाल किया। इस पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सम्राट चौधरी जितना भी फोर्स बुलाकर मकान खाली करवाना चाहें, मैं अपना घर नहीं छोड़ूंगी।”
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और कानून का सम्मान जरूरी
बिहार बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह जंगलराज नहीं है, यहाँ कानून का पालन जरूरी है। जब इलाज के लिए सिंगापुर जाते हैं या पोते का जन्मदिन मनाने दिल्ली जाते हैं, तो जब बात आवास खाली करने की आती है, तो बिहार क्यों नहीं आते?” उन्होंने यह भी सवाल किया कि आखिर ’10 सर्कुलर रोड’ में लालू परिवार ने कौन सा खजाना छुपा रखा है, जिसे बिहार पुलिस खोज निकालेगी।
वहीं, बिहार के डिप्टी सीएम और जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने भी राबड़ी देवी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “इस मामले में सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। कानून के मुताबिक ही कार्यवाही होनी चाहिए।”
विपक्षी दल के सांसद भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। बीजेपी के भीम सिंह ने कहा, “राबड़ी देवी को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था। बिहार पुलिस की भी जरूरत नहीं है, एक दरोगा भी आवास खाली करवा सकता है।”










