दिल्ली और NCR में यातायात सुधार के लिए नई सड़क परियोजनाएं शुरू
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में यातायात की भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर छह प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। यह कदम केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) और दिल्ली के मुख्यमंत्री के बीच हुई समीक्षा बैठक के एक सप्ताह बाद उठाया गया है। इस बैठक में NCR की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम कम करने की योजना पर चर्चा हुई थी।
गुरुवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने इन परियोजनाओं की जानकारी सार्वजनिक की। इन परियोजनाओं के अंतर्गत नए एक्सप्रेसवे, टनल, एलिवेटेड कॉरिडोर और सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में ट्रैफिक जाम को घटाना और शहर को अधिक सुगम बनाना है।
योजना के मुख्य घटक और उद्देश्य
इन सड़क परियोजनाओं का मुख्य लक्ष्य दिल्ली और NCR में यातायात की समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करना है। इनमें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लिंक, नोएडा-फरीदाबाद कनेक्टिविटी कॉरिडोर, दिल्ली-अमृतसर कटरा कॉरिडोर, और कई अन्य महत्वपूर्ण सड़कें शामिल हैं। इन परियोजनाओं से न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि यात्रा का समय भी घटेगा और शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
इन परियोजनाओं में से एक दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लिंक लगभग 17 किलोमीटर लंबा छह-लेन का कॉरिडोर है, जिसकी अनुमानित लागत 3500 करोड़ रुपये है। यह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को गाजियाबाद में ट्रॉनिका सिटी के पास UER-II से जोड़ने का काम करेगा। इससे IGI एयरपोर्ट, बारापुल्ला, मुकरबा चौक, सिंघु बॉर्डर जैसे इलाकों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
आगे की योजनाएं और अपेक्षित लाभ
इसके अलावा, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और नोएडा-फरीदाबाद कनेक्टिविटी कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे को बेहतर तरीके से जोड़ना है। इनसे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और शहरों के बीच यात्रा आसान होगी।
इन परियोजनाओं में दिल्ली-अमृतसर कटरा कॉरिडोर, एम्स-महिपालपुर-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर, और शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला मार्ग टनल जैसी बड़ी सड़कें भी शामिल हैं। इनसे न केवल यातायात की सुगमता बढ़ेगी, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था में भी स्थिरता आएगी।










