राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक मामले में पीड़ित परिवार से की मुलाकात
नेता राहुल गांधी ने NEET (National Eligibility cum Entrance Test) पेपर लीक प्रकरण में पीड़ित परिवार से मिलकर इसे भ्रष्टाचार और कमजोर सिस्टम का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं छात्रों के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही हैं और युवा वर्ग का भरोसा सरकारी व्यवस्था से कम होता जा रहा है।
छात्रों का भरोसा टूटने और सिस्टम पर सवाल
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में देश के करोड़ों छात्रों की परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आज हर छात्र पढ़ाई, प्रतियोगिता और अपने करियर को लेकर दबाव में है। जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो न केवल परीक्षा ही रद्द होती है, बल्कि छात्रों के सपने और परिवार की उम्मीदें भी टूट जाती हैं। गांधी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने इन परीक्षाओं का संचालन किया है, वे अभी भी सत्ता में बने हुए हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
प्रदीप मेघवाल की आत्महत्या और युवा वर्ग का गुस्सा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के सीकर निवासी प्रदीप मेघवाल ने अपने कमरे के पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। प्रदीप ने 3 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा दी थी, जिसे पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द कर दिया गया था। परीक्षा रद्द होने के बाद से ही वह तनाव में था, और अंत में उसने यह खौफनाक कदम उठाया। इसके अलावा, राहुल गांधी ने दिल्ली में कुछ अन्य NEET अभ्यर्थियों से भी मुलाकात की, जिन्होंने बताया कि युवाओं का भरोसा इस सिस्टम से पूरी तरह उठ चुका है। छात्रों का गुस्सा और निराशा स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। गांधी ने सरकार को चेतावनी दी कि युवा अब इस भ्रष्टाचार और बेरुखी को सहन नहीं करेंगे, बल्कि एक दिन वे इस पूरे सिस्टम को बदलकर रहेंगे।










