देशभर में भीषण गर्मी के बीच जनगणना की चुनौतियां
देश में तेज गर्मी के बावजूद जनगणना का कार्य तेजी से जारी है, लेकिन जमीन पर कार्यरत कर्मचारियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली, गुरुग्राम, पंजाब, गोरखपुर और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लोग आय और संपत्ति की जानकारी देने से कतरा रहे हैं। वहीं शिक्षक और आशा वर्कर्स 45 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी में घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं, और डिहाइड्रेशन, लंबी दूरी और जागरूकता की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
जनगणना में जागरूकता और सहयोग की कमी
दिल्ली में जनगणना को लेकर लोगों में जागरूकता का अभाव है। अधिकांश घरों में कर्मचारी प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं या फिर जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं। खासतौर पर पॉश इलाकों में घर के अंदर जाने पर भी लोग पूरी जानकारी साझा करने से हिचकिचाते हैं। परिवार के सदस्यों के बारे में तो लोग जानकारी दे देते हैं, लेकिन चल और अचल संपत्ति की जानकारी देने से बच रहे हैं, जिससे सरकारी कर्मचारियों का दिनभर का प्रयास बेकार जा रहा है।
गांवों में भी विरोध और बहस की स्थिति बनी हुई है। जब शिक्षक संपत्ति और आय से जुड़ी जानकारी पूछते हैं, तो कई लोग उन्हें घर से निकाल देते हैं या झगड़े जैसी स्थिति बन जाती है। इस जटिलता के कारण राजधानी में जनगणना का कार्य काफी चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
झुग्गियों में बेहतर सहयोग और लोगों का डर
वहीं झुग्गियों में जनगणना के लिए शिक्षक जा रहे हैं और वहां लोग अपने और अपनी संपत्ति के बारे में थोड़ी-बहुत जानकारी दे रहे हैं। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के पास अधिक संपत्ति नहीं होती, और उन्हें लगता है कि इससे सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है। इस कारण इन इलाकों में जनगणना का कार्य अपेक्षाकृत आसान हो रहा है।
लोगों के मन में टैक्स और जांच का डर भी है। कुछ का मानना है कि परिवार की संख्या और जाति का डेटा समझ में आता है, लेकिन घर और कमाई की जानकारी क्यों ली जा रही है, यह सवाल है। कई लोग इस प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे इंकम टैक्स या अन्य सरकारी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
कुल मिलाकर, राजधानी में जनगणना को जमीन स्तर पर सफल बनाने के लिए जागरूकता और विश्वास का निर्माण जरूरी है। यदि प्रशासन लोगों की शिकायतें सुनकर उन्हें संतुष्ट करता है और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाता है, तो संभव है कि लोग अधिक सहयोग करें।










