अमेरिकी विदेश मंत्री का भारत दौरा: नई रणनीतियों और मजबूत संबंधों का संकेत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने पहले भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचे हैं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नई दिल्ली में अमेरिकी कॉन्सुलेट कार्यालय का उद्घाटन किया और इस अवसर पर दिल्ली की गर्मी पर मज़ाकिया टिप्पणी की। रुबियो ने इसकी तुलना मियामी (Miami) से की, और इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है।
दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध और वीजा सुधार की दिशा में कदम
नए अमेरिकी कॉन्सुलेट का उद्घाटन करते हुए रुबियो ने भारत और अमेरिका के बीच गहरे और स्थायी संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीते एक साल में दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग में वृद्धि हुई है। भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाता है। साथ ही, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यासों ने सुरक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
रुबियो ने वीजा नियमों में सुधार का भी संकेत दिया। उन्होंने बताया कि एक नया ‘अमेरिका फर्स्ट वीजा शेड्यूलिंग टूल’ विकसित किया जा रहा है, जो उन व्यवसायियों और पेशेवरों को वीजा प्राथमिकता देगा, जो दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने में मदद कर रहे हैं। उनका मानना है कि एक सुरक्षित और प्रभावी वीजा प्रणाली इस मित्रता को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक होगी।
भारत दौरे के दौरान उच्चस्तरीय बैठकें और आगामी योजनाएं
यह रुबियो का पहला भारत दौरा है, जिसमें उन्होंने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ करीब एक घंटे बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा, व्यापार और नई तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह पहली महत्वपूर्ण मुलाकात थी।
इसके बाद, रुबियो भारत के कोलकाता, जयपुर और आगरा जैसे प्रमुख शहरों का दौरा करेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत किया जा सके। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देना और दोनों देशों के बीच सहयोग को और अधिक विस्तार देना है।










