BRICS शिखर सम्मेलन में मोदी, पुतिन और जिनपिंग की बैठक तय
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस वर्ष सितंबर में होने वाले BRICS (ब्रिक्स) शिखर सम्मेलन का आयोजन निश्चित हो चुका है, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उपस्थिति अपेक्षित है। यह सम्मेलन वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है, जहां इन नेताओं की बैठक को लेकर उत्सुकता चरम पर है।
शी जिनपिंग का भारत दौरा पहली बार 2019 के बाद संभव
खबरों के अनुसार, इस बार के BRICS शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग की भागीदारी की संभावना बहुत अधिक है, जो बुधवार को ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने अपने सूत्रों के हवाले से बताई। यदि यह दौरा होता है, तो यह उनके भारत आने का पहला अवसर होगा, जो अक्टूबर 2019 के बाद पहली बार होगा। उस समय उन्होंने तमिलनाडु के मामल्लापुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।
2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों और 2022 में तवांग सीमा पर तनाव के कारण भारत-चीन संबंधों में खटास आई थी। इसके बाद पहली बार मोदी और शी की मुलाकात रूस के कजान में हुए BRICS सम्मेलन के दौरान हुई, जब सीमा पर तनाव जारी था।
महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक मुद्दों पर समूह की स्थिति
BRICS सम्मेलन का समय और इसमें रूस व चीन के नेताओं की उपस्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस समय समूह के अंदर ईरान युद्ध जैसे बड़े भू-राजनीतिक मुद्दों पर मतभेद स्पष्ट रूप से देखे जा रहे हैं। 24 अप्रैल को नई दिल्ली में हुई उप विदेश मंत्रियों और विशेष दूतों की बैठक में भी इन मतभेदों का संकेत मिला, जहां कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हो पाया।
अमेरिका-ईरान युद्ध, ईरान और यूएई के बीच तनाव और इजरायल-फिलिस्तीन विवाद जैसे मुद्दों पर मतभेदों ने कूटनीतिक गतिरोध को जन्म दिया है। भारत इन आंतरिक मतभेदों को सुलझाने और समूह को एकजुट रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की दिशा में अग्रसर है। उल्लेखनीय है कि जनवरी 2026 में भारत ने BRICS की अध्यक्षता संभाली थी।










