दरभंगा में एम्स परियोजना की प्रगति में तेजी लाने का प्रयास
दरभंगा के प्रस्तावित एम्स (AIIMS) परिसर की स्थिति पहले बहुत ही निराशाजनक थी, जहां धूल से ढकी अधूरी सड़कों, खाली जमीन और मुख्य प्रवेश द्वार के नाम पर केवल बाउंड्री वॉल ही दिखाई देती थी। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद देशभर में इसकी आलोचना तेज हो गई। इस स्थिति का असर यह हुआ कि अब यहां अधिकारियों की गाड़ियां दौड़ने लगी हैं और निर्माण कार्य में हलचल देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री की कड़ी निगरानी और समीक्षा बैठक
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद इस परियोजना की जिम्मेदारी संभाली है। गुरुवार को उन्होंने अधिकारियों के साथ इस महत्वाकांक्षी दरभंगा एम्स (AIIMS) और दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) के पुनर्विकास कार्य की समीक्षा की। उनके स्पष्ट निर्देश थे कि दोनों प्रोजेक्ट को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और निर्माण की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो।
स्वास्थ्य सचिव का आकस्मिक निरीक्षण और निर्देश
मुख्यमंत्री की बैठक से पहले ही, बिहार के स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने इस निर्माण स्थल का अचानक दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले में हड़बड़ाहट स्पष्ट देखी गई। उन्होंने निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया और न केवल एम्स का नक्शा देखा, बल्कि 1700 बिस्तरों वाले अस्पताल के कंक्रीट ढांचे का भी जायजा लिया। अधिकारियों और इंजीनियरों को उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लाएं, लेकिन गुणवत्ता से समझौता न करें।










