छिंदवाड़ा में जहरीली Coldrif सिरप से बच्चों की मौत: डॉक्टर प्रवीण सोनी की गिरफ्तारी और निलंबन
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीली Coldrif कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले में डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इस घटना ने पूरे देश में स्वास्थ्य सुरक्षा और दवा नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आईएमए का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला
भारतीय मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस घटना के बाद केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारी पर सीधा हमला बोला है। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिलीप भानुशाली ने कहा कि यदि डॉक्टर दोषी हैं तो उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन सवाल उठाया कि क्या डॉक्टर ही इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दवा कंपनी की पिछली करतूतों को नजरअंदाज कर सरकार और ड्रग कंट्रोलर जिम्मेदार हैं।
दवा कंपनी की पिछली गलतियों का खुलासा
डॉ भानुशाली ने बताया कि मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल्स ने पहले दक्षिण अफ्रीका में भी दूषित दवाइयां बेची थीं, जिनमें डीईजी (DEG) की मिलावट थी। सवाल उठता है कि इन खतरनाक उत्पादों को फिर से बाजार में कैसे लाया गया। आईएमए का कहना है कि इस पूरे प्रकरण के लिए जिम्मेदार दवा नियंत्रक और सरकार ही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून सख्त करने के बजाय सरकार ने कंपनी को क्लीन चिट दे दी है।
आगे की कार्रवाई और मेडिकल समुदाय का समर्थन
आईएमए ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इस मामले में सभी प्रोटोकॉल का पालन किया है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इस गिरफ्तारी पर चर्चा करेंगे। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि डॉ प्रवीण सोनी को जल्द रिहा किया जाए। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर, आयुक्त लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी ने डॉ सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन का कारण उपचार में गंभीर लापरवाही और अपने पद का सही ढंग से निर्वहन न करना बताया गया है।
एफआईआर और प्रतिबंधित दवाइयों का मामला
छिंदवाड़ा के परासिया थाने में डॉ प्रवीण सोनी और मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और औषधि अधिनियम 1940 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई उन बच्चों के उपचार में हुई लापरवाही के कारण की गई है, जिनके सेवन से उनकी किडनी पर विपरीत प्रभाव पड़ा और दुखद मौत हो गई। साथ ही, Coldrif सिरप के नमूने जांच में अमान्य पाए जाने के बाद इसे पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया गया है।











