बिहार में बच्ची अपहरण और हत्या का खुलासा
बिहार के पटना सिटी के बाईपास थाना क्षेत्र में दस वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह मामला initially पूरी तरह से अनसुलझा था, लेकिन कूड़े से मिले महत्वपूर्ण सुराग और डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश कर दिया।
मामले का संक्षिप्त विवरण और पुलिस की कार्रवाई
22 अप्रैल को बच्ची घर से स्कूल ड्रेस में निकली थी, ताकि पास की दुकान से दूध खरीद सके। इसके बाद वह स्कूल नहीं पहुंची और न ही घर लौटी। अगले दिन सुबह जब गली में कंबल में लिपटी उसकी लाश मिली, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि इस अपराध की जांच में एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और पटना सिटी के एसडीपीओ-2 डॉ. गौरव कुमार की टीम ने मिलकर काम किया। आरोपी रंजीत कुमार को उसी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जहां उसने बच्ची का शव फेंका था।
हत्या का कारण और आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी ठेला चलाकर स्टिकर बेचता था और किराए के मकान में रहता था। पिछले दो महीनों से उसकी नजर बच्ची पर थी। उसने बच्ची को मुफ्त में स्टिकर देकर उसकी पहचान बढ़ाई और 22 अप्रैल की सुबह उसे बहाने से अपने घर बुलाया। वहां उसने दुष्कर्म का प्रयास किया, और जब बच्ची ने शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने पास रखी सिलबट्टे से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अपराध के बाद आरोपी ने शव को अपने घर में छिपाया और देर रात उसे तालाब में फेंकने निकला। रास्ते में पुलिस की गाड़ी देखकर वह घबरा गया और शव को एक गली में छोड़कर फरार हो गया। अगले दिन जब लोगों ने शव देखा, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जांच के दौरान पुलिस को कूड़े में बच्ची की चप्पल और कपड़े मिले। डॉग स्क्वॉड के ‘सिम्बा’ नामक कुत्ते ने सुराग सूंघते हुए आरोपी के घर तक पहुंचाया। वहां से हत्या में इस्तेमाल सिलबट्टा और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही दुष्कर्म की पुष्टि हो सकेगी।










