एनआईए ने पंजाब के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के घर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के आवास पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में चार संदिग्धों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। इनमें से दो को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अभी भी फरार हैं। जांच में यह भी पता चला है कि इस साजिश में प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का हाथ है।
आरोपियों पर कड़ी धाराओं में मामला दर्ज
इन चारों आरोपियों पर यूएपीए, भारतीय दंड संहिता (IPC) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि यह साजिश बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ी है, जो पंजाब में आतंक फैलाने के उद्देश्य से काम कर रहा है।
बब्बर खालसा इंटरनेशनल का आतंकवादी नेटवर्क
जांच में पता चला है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े कुलबीर सिंह ने अपने साथी मनीष उर्फ काका राणा के साथ मिलकर एक आतंकी गिरोह का गठन किया था। इस गिरोह का मकसद पंजाब के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाकर आम जनता में आतंक फैलाना और फंड जुटाने के लिए उगाही करना था।
साजिश के तहत मनीष ने सैदुल अमीन को भर्ती किया, जिसने ग्रेनेड फेंका। यह ग्रेनेड कुलबीर सिंह ने मुहैया कराया था, जबकि आर्थिक मदद अभिजोत जांगरा ने दी थी।
गिरफ्तारी और इनाम की घोषणा
आतंकवादी हमले के बाद कुलबीर सिंह ने अपने समर्थकों के साथ पोस्टर जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है और उसकी गिरफ्तारी पर दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एनआईए ने उसे पहले भी VHP नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में चार्जशीट किया था।
एजेंसी ने यह भी बताया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ भारत में सक्रिय बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क की पहचान के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।











