2014 के अफ्रीकी महिलाओं से मारपीट के मामले में सोमनाथ भारती को मिली राहत
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 2014 में अफ्रीकी मूल की महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ के आरोप में आरोपी आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सोमनाथ भारती को बरी कर दिया है। इस फैसले में कोर्ट ने सोमनाथ भारती के साथ ही 16 अन्य आरोपियों को भी निर्दोष घोषित किया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पीड़िताओं के बयान अदालत में प्रस्तुत नहीं किए गए, इसलिए उन्हें मान्यता नहीं दी जा सकी। साथ ही, आरोप था कि यह घटना अवैध सभा के दौरान हुई थी, लेकिन अदालत ने इसे भी खारिज कर दिया। अभियोजन पक्ष अपने मामले को साबित करने में असमर्थ रहा, और आरोप दर्ज करने में हुई देरी का भी कोई संतोषजनक कारण नहीं दिखा।
मामले का संक्षिप्त इतिहास और कोर्ट का निर्णय
जनवरी 2014 में दक्षिणी दिल्ली के खिड़की एक्सटेंशन क्षेत्र में एक घर पर रात के समय छापेमारी की गई थी, जिसमें अफ्रीकी मूल की महिलाओं के साथ कथित मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगा था। आरोप था कि सोमनाथ भारती ने भीड़ का नेतृत्व किया और महिलाओं को परेशान किया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष अपने आरोप साबित करने में असफल रहा और मामले में पर्याप्त सबूत नहीं पाए गए। इसके अलावा, आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने में हुई देरी को भी अदालत ने उचित कारण नहीं माना।
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इस फैसले के बाद, सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया आई है। सोमनाथ भारती ने अपने ट्वीट में कहा कि 12 वर्षों की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें और अन्य आरोपियों को सम्मानपूर्वक बरी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके खिलाफ एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा था।
वहीं, इस फैसले के साथ ही राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई समर्थक और आलोचक दोनों ही इस निर्णय को न्याय का प्रतीक मान रहे हैं।










