दिल्ली और एनसीआर में मौसम ने बदली करवट
देश की राजधानी दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम का मिजाज फिर से बदल गया है। कुछ दिनों पहले तक दिल्लीवासी तेज धूप और उमस से परेशान थे, लेकिन अब आसमान पर बादल छा गए हैं और धूल की परत भी घनी हो गई है। इस बदलाव के कारण कई इलाकों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है, जो गर्मी से राहत देने वाला साबित हो सकता है।
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही गुरुवार को दिल्ली के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि शहर में गरज के साथ हल्की बारिश और बिजली चमकने की संभावना है। इस बीच, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है, जबकि राजस्थान और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
दिल्ली में मौसम का अचानक बदलाव और गर्मी का रिकॉर्ड
गुरुवार को दिल्ली में इस सीजन की सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से अधिक है। वहीं, अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान था। तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच बारिश होने से गर्मी से राहत मिल सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दिल्ली में अचानक मौसम में बदलाव का कारण राजस्थान और पाकिस्तान (Pakistan) के पश्चिमी हिस्सों पर बना ‘प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण’ (Induced Cyclonic Circulation) है। इन क्षेत्रों से धूल के कण दिल्ली-एनसीआर की ओर आ रहे हैं, जिससे धूल भरी धुंध और वायु गुणवत्ता में गिरावट देखी जा रही है।
राजस्थान में मौसम का बदलाव और गर्मी का कहर
राजस्थान में आज 17 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल रहा है। गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनू, जयपुर, अलवर, कोटपूतली, बहरोड़ और दौसा जैसे जिलों में मेघगर्जन, तेज हवाओं की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने और हल्की बारिश की संभावना है। शेखावाटी क्षेत्र, जो पंजाब-हरियाणा से सटा हुआ है, वहां इस सिस्टम का अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है, साथ ही ओलावृष्टि और आंधी भी दर्ज की गई है।
हालांकि, इन बदलावों के बावजूद राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी है। प्रदेश का अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिसमें बाड़मेर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
रात का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे राहत की उम्मीद कम है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जो इस सीजन में पहली बार देखा गया है। इससे रात में भी गर्मी का असर बना रहता है और हीटवेव की तीव्रता बढ़ रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में राजस्थान में तापमान में थोड़ी गिरावट हो सकती है, लेकिन फिर से बढ़ने का अनुमान है। अगले सप्ताह तक प्रदेश में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है, खासकर पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव का खतरा बना रहेगा।











