इंदौर में फर्जी शेयर मार्केट ठगी का पर्दाफाश
इंदौर शहर में निवेशकों को शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। यह गिरोह एक नकली आईटी कंपनी के नाम पर फर्जी निवेश सलाहकार फर्म चला रहा था और देशभर के लोगों को निशाना बना रहा था। जांच में पता चला है कि इस कंपनी में 200 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे, जिन्हें सॉफ्टवेयर और स्क्रिप्ट का उपयोग कर लोगों को निवेश के लिए आकर्षित करने का काम सौंपा गया था।
गिरोह का संचालन और पुलिस कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के कई संचालक मिलकर इस जाल को चला रहे थे। आरोपियों में मनीष पांडे, अनिमेष चौहान, संदीप त्यागी, अनुराग सैंडलानी और नेहा जैन जैसे नाम सामने आए हैं, जिनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता नीतीश भगत ने बताया कि उन्हें शेयर बाजार में निवेश के नाम पर कॉल किया गया था। जब उन्होंने जानकारी न होने का दावा किया, तो एक महिला के माध्यम से भरोसा दिलाया गया। इसके बाद उन्हें एक मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर के जरिए फर्जी मुनाफा दिखाया गया। धीरे-धीरे उन्हें अधिक निवेश करने के लिए उकसाया गया और टर्मिनल खरीदने के नाम पर करीब 4 लाख 80 हजार रुपये ठगे गए। जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
छापेमारी और डिजिटल उपकरणों की जब्ती
पुलिस ने बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स के सामने स्थित इंफिनिक्स इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के ऑफिस पर छापा मारा। इस दौरान कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई, और बड़ी संख्या में युवक-युवतियां काम करते पाए गए। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 23 CPU, 14 लैपटॉप, DVR, मॉनिटर, 66 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड, चेकबुक और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। इन उपकरणों का इस्तेमाल देशभर के लोगों को कॉल और मैसेज के जरिए फंसाने में किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह केवल इंदौर ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के निवेशकों को भी निशाना बना रहा था। प्रारंभिक जांच में ठगी की रकम लाखों में सामने आई है, लेकिन आशंका है कि यह आंकड़ा करोड़ों तक पहुंच सकता है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही जब्त उपकरणों की फॉरेंसिक जांच से और भी अहम खुलासे होने की उम्मीद है।









