35 वर्षों से फरार आरोपी को लुधियाना से गिरफ्तार किया गया
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे आरोपी को आखिरकार पकड़ लिया है, जो पिछले तीन दशकों से पुलिस की नजरों से दूर था। यह आरोपी 1991 में दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में हुई एक हत्या और हमला मामले में शामिल था। उस समय, दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम में एक कॉल आई थी, जिसमें बताया गया था कि घर के अंदर मां और बेटे पर हमला किया गया है।
घटना के दौरान, आरोपी ने दोनों के गले और चेहरे पर चाकू से कई गंभीर वार किए थे। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन मां की मौत हो गई। बेटे का इलाज कई दिनों तक चला, और अंततः उसकी जान बच गई। उस समय, पुलिस ने पाया कि आरोपी ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था।
पुलिस ने 35 साल बाद आरोपी को लुधियाना से किया गिरफ्तार
आरोपी का नाम छवि लाल वर्मा था, जो उस समय से फरार था। उस वक्त, जब बेटे को होश आया, उसने पुलिस को बताया कि यह हमला उसके किराएदार छवि लाल वर्मा ने किया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह लगातार फरार रहा। पुलिस ने उसकी पत्नी और बच्चों पर नजर रखी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
पिछले छह महीने में, क्राइम ब्रांच ने पुरानी फाइलें खंगाली और छवि लाल की जानकारी हासिल की। पता चला कि उसने कभी भी अपनी पत्नी से बात नहीं की थी और अपने बच्चों की शादी में भी नहीं आया था। इसके बाद, पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता लगाया और 9 अप्रैल को लुधियाना से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में, उसने बताया कि उसे लगा था कि उसकी मकान मालकिन के पास बहुत पैसा है, इसलिए उसने लूट और हत्या की साजिश रची थी।
आरोपी का फरार रहना और गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
छवि लाल अपने परिवार से बात करने के लिए पड़ोसी का सहारा लेता था। वह कभी अपनी पत्नी से सीधे बात नहीं करता था, बल्कि पड़ोसी के माध्यम से संवाद करता था। पिछले 35 वर्षों में, वह कई जगहों पर काम करता रहा, जैसे पेंटर, मिस्त्री, होटल में मजदूरी, और कई बार गोवा, बंगाल, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भागता रहा। पुलिस की नजरों से बचने के लिए वह लगातार स्थान बदलता रहा।
आखिरकार, 9 अप्रैल को लुधियाना में उसकी गिरफ्तारी हुई, और अब वह पुलिस की हिरासत में है। यह मामला दर्शाता है कि कितनी मेहनत और सतर्कता से पुलिस ने एक लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।











