भोपाल में अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ तेज़ कार्रवाई जारी
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर प्रशासन ने अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। शहर के बड़े तालाब के आसपास 50 मीटर के दायरे में बने अवैध निर्माणों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य तालाब के इको-सेंसिटिव जोन को अतिक्रमण मुक्त करना है।
विशेष अभियान के तहत अवैध निर्माणों का सफाया
जिला प्रशासन ने इस अभियान के तहत 15 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया है, जो 6 अप्रैल से शुरू होकर 21 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान 350 से अधिक अवैध निर्माणों को हटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शुक्रवार को हलालपुर क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध रूप से बने फार्महाउस पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई में 4 से 5 अतिक्रमणों को तोड़ा गया। इस दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से कार्रवाई पूरी की।
प्रशासन का तर्क और संपत्ति मालिकों की प्रतिक्रिया
प्रशासन का कहना है कि यह कदम तालाब के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है। तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह के अनुसार, मार्च 2022 के बाद से बड़े तालाब के 50 मीटर के दायरे में किए गए सभी निर्माण अवैध माने जा रहे हैं। कुछ संपत्ति मालिकों ने नगर निगम में अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जिनकी सुनवाई के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि यह अभियान केवल अवैध निर्माणों को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के पर्यावरण संरक्षण का भी हिस्सा है।










