दिल्ली में मानसून की जलभराव समस्या में सुधार का दावा
हर वर्ष मानसून के दौरान दिल्ली में जलभराव की समस्या आम बात है, लेकिन इस बार सरकार ने इसे नियंत्रित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। दिल्ली सरकार के लोकनिर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने आश्वासन दिया है कि इस बार राजधानी में जलभराव की स्थिति काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने नालों की सफाई और मानसून से पहले व्यापक तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या नहीं रहेगी।
सफाई और तैयारी के कदमों का विस्तृत ब्यौरा
मंत्री वर्मा ने बताया कि नालों की सफाई के लिए रिकॉर्ड स्तर पर काम किया गया है। मानसून से पहले 30 लाख टन सिल्ट निकालने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 20 लाख टन था। अब तक लगभग 14 लाख मीट्रिक टन सिल्ट हटा लिया गया है, और अगले दो महीनों में शेष 16 लाख टन हटाने का लक्ष्य है। पहले केवल 50 बड़े नालों की सफाई की जाती थी, लेकिन अब एमसीडी (Municipal Corporation of Delhi) के नालों को भी पीडब्ल्यूडी (Public Works Department) के अंतर्गत लाकर सफाई का दायरा बढ़ाया गया है।
सफाई कार्यों की निगरानी और हॉट स्पॉट का निरीक्षण
प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बारापुला और दिल्ली गेट के नालों का निरीक्षण किया और दावा किया कि दक्षिण दिल्ली के जलभराव वाले क्षेत्रों में इस बार काफी सुधार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी ठेकेदार, अधिकारी और टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं, और हर नाले की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने नालों की सफाई के लिए पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाई है, ताकि जनता का पैसा सही तरीके से खर्च हो।











