इंदौर हाई कोर्ट में धार भोजशाला विवाद की सुनवाई जारी
इंदौर के हाई कोर्ट में धार भोजशाला विवाद से जुड़ी सुनवाई चौथे दिन भी बिना रुके चली। इस दौरान हिंदू पक्ष ने अपने तर्क प्रस्तुत करते हुए भोजशाला को एक प्राचीन मंदिर मानने के पक्ष में कई महत्वपूर्ण बातें कोर्ट के सामने रखीं।
हिंदू पक्ष ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि इस स्थल से जुड़े कई संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह स्थान एक मंदिर का ही हिस्सा रहा है। कोर्ट में इस रिपोर्ट के विभिन्न बिंदुओं को विस्तार से पेश किया गया, जिनमें मूर्तियों, स्तंभों (पिलर), संस्कृत श्लोकों और अन्य स्थापत्य अवशेषों का उल्लेख शामिल है।
प्राचीन मंदिर होने के संकेत और ASI की प्रतिक्रिया
हिंदू पक्ष ने तर्क दिया कि परिसर में मिली मूर्तियों और स्थापत्य संरचनाओं से यह साबित होता है कि यह स्थल एक प्राचीन मंदिर का हिस्सा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिसर में दो अलग-अलग शैली और बनावट वाली दीवारें कई ऐतिहासिक बदलावों की ओर संकेत करती हैं।
वहीं, ASI ने इन दावों पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट को सूचित किया कि फिलहाल उसकी रिपोर्ट पर किसी भी पक्ष द्वारा तर्क नहीं दिए जाएं। ASI ने स्पष्ट किया कि जब उसकी रिपोर्ट पर औपचारिक सुनवाई होगी, तभी सभी पक्ष अपने-अपने तर्क विस्तार से प्रस्तुत कर सकेंगे।
अगली सुनवाई और विवाद का वर्तमान स्थिति
आज की सुनवाई में हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल एक याचिका पर बहस पूरी हो गई है। अब अगले शुक्रवार से हिंदू पक्ष की दूसरी याचिका पर सुनवाई शुरू होगी, जिसमें मामले से जुड़े अन्य बिंदुओं पर तर्क दिए जाएंगे।
धार भोजशाला विवाद लंबे समय से एक संवेदनशील और ऐतिहासिक महत्व का मामला बना हुआ है। इस कारण हाई कोर्ट की सुनवाई पर सभी संबंधित पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं, और यह मामला देश की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा होने के कारण विशेष ध्यान आकर्षित कर रहा है।










