बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज
बिहार की राजनीति में इन दिनों भारी हलचल देखने को मिल रही है, खासकर जब से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य की अगली सरकार किसके हाथों में होगी। इस महत्वपूर्ण सवाल का समाधान खोजने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति मजबूत कर ली है। सूत्रों के अनुसार, 10 अप्रैल को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य बिहार में नई सरकार का गठन और नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लेना है।
बिहार बीजेपी की उच्चस्तरीय बैठक का एजेंडा
सूत्रों के हवाले से पता चला है कि इस बैठक में बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में दिल्ली के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ बिहार से भी उन नेताओं को बुलाया गया है जो राज्य की राजनीति की गहराई से समझ रखते हैं। इसमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा जैसे दिग्गज नेता भाग लेंगे। इसके अलावा, नित्यानंद राय, संजय जायसवाल, संगठन के अनुभवी सदस्य भीखू भाई दलसानिया और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र भी इस बैठक में शामिल होंगे। साथ ही, बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय जैसे नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। इस बैठक का उद्देश्य है कि किसी भी संभावित नाम पर निर्णय लेने से पहले हर पहलू का बारीकी से विश्लेषण किया जाए।
मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला और शपथ ग्रहण की योजना
इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण भाग यह होगा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से प्रदेश कोर कमेटी से नए मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक मांग की जाएगी। कोशिश यह है कि किसी ऐसे चेहरे पर भरोसा किया जाए, जो सभी के बीच सहमति प्राप्त कर सके और बिहार में पार्टी की स्थिति मजबूत कर सके। कोर कमेटी अपनी राय देने के बाद, पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व अंतिम निर्णय लेगा। साथ ही, नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का पूरा शेड्यूल भी तय किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 10 अप्रैल को ही नीतीश कुमार भी दिल्ली में रहेंगे, क्योंकि उन्हें उसी दिन राज्यसभा की सदस्यता की शपथ लेनी है। उनके साथ नितिन नवीन और उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। इस तरह, जहां नीतीश कुमार अपने नए सफर की शुरुआत करेंगे, वहीं बीजेपी अपने उत्तराधिकारी के नाम पर अंतिम फैसला ले रही होगी। बिहार की जनता और राजनीतिक विश्लेषक अब इस बैठक का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसी दिन बिहार को उसका नया नेतृत्व मिल जाएगा।









