दिल्ली विधानसभा सुरक्षा उल्लंघन: बड़ी कार्रवाई और जांच
दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। सुरक्षा में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस घटना में मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह को अदालत ने आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। पुलिस इस मामले की हर संभव दिशा से जांच कर रही है, जिसमें आतंकी साजिश या बड़ी साजिश के संकेत भी शामिल हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी और जांच का वर्तमान स्वरूप
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस जाँच के दौरान अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। आरोपी सरबजीत सिंह को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कार्तिक टपरिया के सामने पेश किया गया था, जहां से उसे 10 दिन की रिमांड पर भेजा गया है। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले की गहराई से जांच जरूरी है, क्योंकि इसमें आतंकी एंगल या बड़ी साजिश की आशंका है। अभी तक पुलिस को आरोपी का मोबाइल फोन भी बरामद नहीं हुआ है।
आरोपी का बचाव और कोर्ट का सवाल
वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत का विरोध करते हुए दावा किया कि आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर है और लंबे समय से इलाज करा रहा है। उनका कहना था कि सरबजीत सिंह कुछ दिन पहले बिना बताए चंडीगढ़ चला गया था और जब उसे अपने भतीजे के लापता होने का पता चला, तो वह दिल्ली लौट आया। वकील ने यह भी कहा कि आरोपी गलती से विधानसभा परिसर में घुस गया, क्योंकि उसे वह स्थान गुरुद्वारा समझ रहा था। लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया और पूछा कि यदि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है, तो वह 700 किलोमीटर का सफर कैसे कर सकता है।
सरकारी वकील ने बताया कि आरोपी पर हत्या के प्रयास का आरोप इसलिए लगाया गया है क्योंकि उसने ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को रोकने के लिए दो बार गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, जिससे उनकी जान को खतरा हुआ। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने दो ड्राइवरों को हायर किया था, जो उसकी पूर्व नियोजित साजिश का संकेत है। आरोपी का संबंध किसान आंदोलन से भी बताया जा रहा है, और उसके सोशल मीडिया पोस्ट में आंदोलन से जुड़े विचार भी सामने आए हैं।
यह घटना 6 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे हुई, जब यूपी के पीलीभीत में रजिस्टर्ड कार ने विधानसभा के गेट नंबर 2 को जोरदार टक्कर मारते हुए परिसर में प्रवेश किया। यह गेट VIP आवाजाही के लिए होता है और सामान्यतः बंद रहता है। पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार में आई गाड़ी ने बूम बैरियर तोड़ते हुए विधानसभा परिसर में घुसपैठ की। इस मामले में दिल्ली के सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया है, जिसमें आरोपी पर हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारी पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है ताकि असली मकसद का पता लगाया जा सके।










