दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा उल्लंघन का मामला सामने आया
पिछले दिन दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा में बड़ी चूक हुई, जब एक व्यक्ति ने बैरिकेड तोड़ते हुए यूपी (Uttar Pradesh) नंबर की टाटा सिएरा (Tata Sierra) गाड़ी विधानसभा परिसर में घुसा दी। इसके बाद वह तुरंत ही फरार हो गया। इस घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते और फॉरेंसिक टीम ने विधानसभा क्षेत्र की विस्तृत जांच शुरू कर दी।
गाड़ी घुसाने वाले आरोपी की गिरफ्तारी और जांच
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जो गाड़ी लेकर विधानसभा में घुसा था। उसकी पूछताछ जारी है, और अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस सुरक्षा उल्लंघन के पीछे उसकी मंशा क्या थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम सरबजीत सिंह है, जो खुद को किसान आंदोलन का समर्थक बताता है। उसने सोशल मीडिया पर 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के समर्थन में कई पोस्ट भी किए थे, हालांकि इनमें से कुछ पोस्ट बाद में हटा दी गई हैं।
आरोपी का मकसद और पुलिस की जांच
यह भी जानकारी मिली है कि सरबजीत का भांजा एक अप्रैल से लापता था, और हरिनगर थाने में उसकी मिसिंग रिपोर्ट भी दर्ज है। आरोपी ने विधानसभा में गाड़ी घुसाने का कारण यह बताया कि उसे उम्मीद थी कि वहां कोई बड़ा अधिकारी होगा जो इस घटना पर ध्यान देगा। परिवार का कहना है कि सरबजीत मानसिक रूप से विक्षिप्त है, लेकिन पुलिस इस थ्योरी को खारिज कर रही है।
पुलिस का मानना है कि सरबजीत ने अपनी नई टाटा सिएरा गाड़ी का इस्तेमाल हथियार की तरह किया, क्योंकि उसके पास कोई हथियार नहीं मिला। वह अकेला ही विधानसभा में घुसा था, और उसे दिल्ली के रास्ते भी नहीं पता थे। उसने दो टैक्सी चालकों को पैसे देकर रास्ता पूछा और फिर पार्लियामेंट (Parliament) जाने का दावा किया। इन दोनों टैक्सी चालकों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
सरबजीत की पत्नी ने उसके इलाज का मेडिकल पर्चा पुलिस को सौंपा है, और पुलिस उसकी स्थिति का सत्यापन कर रही है। उसकी उग्र प्रवृत्ति को देखते हुए, रात में थाने की लॉकअप में उसने हंगामा किया और सुरक्षाकर्मियों को कुचलने का प्रयास भी किया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारी के खिलाफ बल प्रयोग, और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।










