दिल्ली सरकार ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई पहल की
दिल्ली सरकार ने टेंडर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। फ्लड कंट्रोल और सिंचाई विभाग ने अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। इससे पहले, ठेकेदारों को EMD जमा करने के लिए संबंधित कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे अक्सर अनावश्यक देरी, मानवीय संपर्क और गड़बड़ी की आशंका रहती थी। कुछ मामलों में सूचना लीक होने या पक्षपात के आरोप भी लगाए जाते थे। अब नई व्यवस्था के तहत, ठेकेदारों को कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी। वे ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर ही टेंडर भरते समय EMD की स्कैन कॉपी अपलोड करेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी और पारदर्शिता में सुधार होगा।
डिजिटल प्रणाली से टेंडर प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता का विस्तार
इस नई प्रणाली में एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि टेंडर खुलने के बाद केवल सबसे कम बोली लगाने वाले ठेकेदार को ही असली EMD जमा करनी होगी। यह रकम उसे तीन दिनों के भीतर जमा करनी होगी। यदि वह निर्धारित समय में EMD नहीं जमा करता है, तो उसे दो साल के लिए टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से टेंडर प्रक्रिया में होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगेगी। अब कोई भी व्यक्ति या अधिकारी यह नहीं जान पाएगा कि कौन किस टेंडर में बोली लगा रहा है, जिससे दबाव या सिफारिश की संभावना कम हो जाएगी। मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह सुधार सिस्टम में विश्वास बढ़ाने के लिए आवश्यक था। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और सभी ठेकेदारों को समान अवसर मिलेगा।
भविष्य में ऑफलाइन जमा स्वीकार नहीं, प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा का लक्ष्य
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब भविष्य में EMD की कोई भी ऑफलाइन जमा स्वीकार नहीं की जाएगी। आवश्यकतानुसार, नई व्यवस्था के अनुसार बदलाव भी किए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य टेंडर प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है, जिससे सरकारी कार्यों में जवाबदेही भी बढ़ेगी। इस पहल से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने में मदद मिलेगी, और सभी ठेकेदारों को समान अवसर प्राप्त होंगे। यह कदम सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।











