नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण शुरू, कनेक्टिविटी में सुधार की उम्मीद
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रारंभिक चरण शुरू हो चुका है, लेकिन फरीदाबाद के निवासियों के लिए वहां तक पहुंचना अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बेहतर यातायात सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से सेक्टर-65 से एयरपोर्ट तक ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जारी है, जिसे पूरा करने में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा।
ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण और लागत में वृद्धि
यह करीब 31 किलोमीटर लंबा ग्रीन एक्सप्रेसवे है, जिसमें से 24 किलोमीटर का हिस्सा फरीदाबाद और शेष 7 किलोमीटर ग्रेटर नोएडा में है। जून 2023 में शुरू हुए इस परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 30 प्रतिशत अभी भी अधूरा है। प्रारंभ में इसकी लागत 1600 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, लेकिन हरियाणा सरकार की आपत्तियों के कारण 11 किलोमीटर हिस्से को एलिवेटेड बनाने का निर्णय लिया गया। इस कारण परियोजना की कुल लागत बढ़कर 3200 करोड़ रुपये हो गई है।
फरीदाबाद से एयरपोर्ट पहुंचने के विकल्प और वर्तमान स्थिति
फरीदाबाद से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए वर्तमान में तीन मुख्य रास्ते उपलब्ध हैं। पहला, यमुना नदी पर बने पुराने पुल का मार्ग, जहां गांवों की संकरी गलियों से गुजरते हुए लगभग 40 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है और इसमें लगभग दो घंटे का समय लगता है। दूसरा विकल्प कालिंदी कुंज के माध्यम से है, जहां दूरी करीब 85 किलोमीटर है और कैब का किराया 1250 से 1400 रुपये तक हो सकता है। तीसरा रास्ता पलवल का है, जिसमें लगभग 70 किलोमीटर की यात्रा में दो घंटे का समय लगता है और कैब का खर्च करीब 1300 रुपये है।











