कांग्रेस के मुख्यालय खाली करने का नोटिस जारी
दिल्ली में कांग्रेस पार्टी को 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड स्थित अपने लंबे समय से चल रहे राष्ट्रीय मुख्यालय को खाली करने का नोटिस मिला है। इस निर्णय के खिलाफ पार्टी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और सरकार से समय बढ़ाने की मांग कर सकती है।
कांग्रेस इस नोटिस के बाद सरकार से कुछ अतिरिक्त समय की उम्मीद कर रही है ताकि वह अपने रणनीतिक कदम बना सके। पार्टी का प्रयास है कि इस दौरान किसी वरिष्ठ नेता को राज्यसभा के माध्यम से सदन में भेजा जाए। यदि वह ऐसा करने में सफल हो जाती है और किसी योग्य नेता को संसद में भेजने में कामयाब रहती है, तो इन ऐतिहासिक परिसरों को खाली करने से बचा जा सकता है।
बेदखली नोटिस क्यों जारी किया गया?
दरअसल, नियमों के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल को यदि अपने नए मुख्यालय के लिए जमीन मिलती है, तो उन्हें अपने पुराने सरकारी बंगले खाली करने होते हैं। कांग्रेस को दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर नया मुख्यालय बनाने के लिए जमीन आवंटित की गई थी। इसी कारण, संपदा निदेशालय ने पहले ही 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड के परिसरों का आवंटन रद्द कर दिया था।
कांग्रेस का यह पुराना मुख्यालय 24 अकबर रोड से दशकों से जुड़ा हुआ है। यदि 28 मार्च तक कोर्ट से कोई स्थगन आदेश नहीं मिलता या सरकार मोहलत नहीं देती है, तो पार्टी को अपने इन ऐतिहासिक स्थलों को छोड़ना पड़ेगा।
क्या है आगे की योजना?
कांग्रेस इस स्थिति से निपटने के लिए कानूनी विकल्पों का सहारा ले सकती है और सरकार से समय बढ़ाने का अनुरोध कर सकती है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य है कि इस बीच किसी वरिष्ठ नेता को संसद में भेजकर अपनी स्थिति मजबूत बनाए। यदि ऐसा संभव हो जाता है, तो पार्टी अपने पुराने मुख्यालय को खाली करने से बच सकती है।









