बिहार में PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने का सरकार का निर्णय
बिहार में एलपीजी गैस संकट और सिलेंडर बुकिंग में हो रही परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड गैस (PNG) कनेक्शन की सुविधा तेजी से बढ़ाने का फैसला लिया है। नगर विकास और आवास विभाग के प्रमुख सचिव ने इस संदर्भ में सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर नई गाइडलाइन जारी की है।
सरकार का उद्देश्य है कि राजधानी पटना, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण जैसे प्रमुख जिलों में PNG नेटवर्क का विस्तार किया जाए। इन जिलों में गैस की आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही, इन क्षेत्रों में पाइप्ड गैस की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।
विशेष ध्यान दिए जाने वाले जिलों और निर्देश
सरकार ने उन 18 जिला मुख्यालयों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है, जहां PNG का बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है। इनमें पटना, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण के साथ ही बेगूसराय, शेखपुरा, जमुई, समस्तीपुर, लखीसराय, मुंगेर, सहरसा, मधेपुरा, भोजपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद और रोहतास शामिल हैं।
नगर विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि नगर निकाय क्षेत्रों में PNG नेटवर्क और संयंत्र की स्थापना के लिए गैस वितरण कंपनियों को बिना किसी देरी के अनुमति दी जाएगी। इसके तहत तेल कंपनियों को जमीन और आवश्यक सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराने का आदेश भी जारी किया गया है।
गैस वितरण में तेजी और PNG की विशेषताएं
गैस वितरण कंपनियों की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में बिहार में लगभग एक लाख घरों में पाइप के माध्यम से गैस की आपूर्ति हो रही है। नई गाइडलाइन के लागू होने के बाद, ये कंपनियां महज 24 घंटे में 75 हजार से अधिक नए घरेलू PNG कनेक्शन प्रदान करने में सक्षम हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि PNG LPG सिलेंडर की तुलना में अधिक सुरक्षित है क्योंकि इसमें गैस का दबाव कम होता है। साथ ही, यह सिलेंडर की तुलना में सस्ता भी पड़ता है और ‘आउट ऑफ स्टॉक’ होने का खतरा भी नहीं रहता, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलती है।










